खंडवा संसदीय उपचुनाव की घोषणा के साथ कयासों का बाजार गर्म

मयंक शर्मा

खंडवा, 28 सितम्बर , अभीतक ।  खंडवा लोकसभा सीट और 3 विधानसभा सीटों जोबट, रैगांव और पृथ्वीपुर उपचुनाव के लिए 30 अक्टूबर को मतदान होगा। निर्वाचन आयोग ने इसकी घोषणा कर दी है। जिसमें 1 अक्टूबर को इसका नोटिफिकेशन जारी होगा, जिसके बाद 8 अक्टूबर तक उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 11 अक्टूबर को नामांकन की जांच की जाएगी। 13 अक्टूबर को नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख रखी गई है। 30 अक्टूबर को मतदान होगा, जिसके बाद 2 नवंबर को वोटों
की गिनती की जाएगी। खंडवा लोकसभा अंतर्गत 1959000 मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। खंडवा लोक सभा में चार जिलों की 8 विधानसभा में शामिल है। प्रशासन ने मतदान के लिए 2367 मतदान केंद्र बनाए हैं।
दो दिन हपले ही े हाई कोर्ट ने उपचुनाव को टालने के लिए लगी याचिका को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि चुनाव कराने का अधिकार चुनाव आयोग के पास है। आयोग कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए वोटिंग करा सकता है। याचिका पर इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा था। आयोग ने अपने जवाब में बताया कि उपचुनाव के लिए गाइडलाइन पहले ही जारी हो चुकी है। आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका खत्म होने के बाद ही उपचुनाव कराए जाएंगे।
अब मध्यप्रदेश में उपचुनाव के लिए बिगुल बज गया है। परिणाम 2 नवंबर यानी धनतेरस के दिन आएगा। उपचुनाव का ऐलान होने के बाद रणनीति पर चर्चा  तेज हो गयी है।दोनों ही दल उपचुनाव को 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में सत्ता का सेमीफाइनल मान रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एक बार
फिर चुनाव मैदान में आमने-सामने होंगे। आयोग द्वारा चुनावों की तारीखों की घोषणा के साथ स्थानीय राजेध्तिक हलचल तेज हो गयी है। कयासो का बाजार लगना शुरू हो गये हे कि 4 नवम्बर को दीपावली किसकी मनेगी। सांसद व भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमारसिंह चैहान ने गत मार्च मेें असामयिक निधन से रिक्त हुय खडवा ससंदीस सीट के लिये उपचुनाव हो रहा है।  सीट पर प्रमुख तथा कांग्रेस व भाजपा मे मकाबला होता आया हे। पिठल े तीन दशकों से कांग्रेस का गढ कहलान वाले निमाड के इंस अंचल में भगवाकरण होकर  दर चुनाव उसका रंग गहरा होता गया है। कांग्रेस गढ बचाने में नाकाम रह है वहीं वह हाशिये पर जा खडी है। बावजूद भाजपा मेें उपचुनाव के लिये जीत  आसान नहं मानकर  प्रदेश के केबीनेट मंत्री सतत काय्रकर्ताओं को जागरूक करते हुये विकास के द्वार खोले ज रहे है। सीएम शिवराजसिंह स्वयं 2 बार दौरा कर घोषणओं की फेेहरियश्त को बडी कर गये ह।
कोंग्रेस के हाशिये पर खडे होने  और डेढ दशक से निमाड की क्षत्रप बनी भाजपा कोउपचुनाव जीत को लेकर सौ फीसदी आश्वस्त होने के लिये पसीना बहाना पड रहा है। इसका कारण प्रशासन की निरकुंशता, पार्टी में अंतरंग गुटबाजी, भ्रष्टाचार के कारण दर्जनसें विकास योजना का पलीता, एक दशक बाद भी अधर मेपडी योजनाओं की भाजपा के लिये बडा सरदर्द होगी। लोकसभा उप चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा विकास कार्यों को लेकर की गई घोषणाएं कितनी कारगर साबित होती हैं, ये जनता ईवीएम की बटन दबाकर तय करेगी।विकास पर इस बार कमरतोड महंगाई, बेरोजगारी और लोकल मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी भारी पडने के आसार ने  भाजपा की नींद उडा रखी है। प.बंगाल मे मिली हार से सजग भाजपा विशेषकर शिवराजसिंह बदलाव े दौर में अपनी कुर्सी बचाने के लिये हर मोर्चे पर सक्रिय नजर अते है।
खंडवा और तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए अभी किसी भी दल ने अपना उम्मीदवार तय नहीं किया है। अब नामांकन की आखिरी तारीख 8 अक्टूबर से पहले सभी दल अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर देंगे। उपचुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों ने अभी अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। बावजूद इसके चुनाव कीतैयारियों को लेकर दोनों ही दल पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं।
भाजपा संगठन में दिग्गज मंत्रियों को लोकसभा चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है जो दौरे करके कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का आव्हान कर रहे हैं। कांग्रेस में पूर्व सांसद अरुण यादव द्वारा सघन जनसंपर्क किया जा रहा है। हालांकि अरुण यादव के नाम को उम्मीदवारी को लेकर फिलहाल कांग्रेस पार्टी एकमत नहीं है।
निमाड़ की इस लोस सीट के लिए कांग्रेस से अरुण यादव की दावेदारी है। अर्चना चिटनीस, कृष्णमुरारी मोघे और कैलाश विजयवर्गीय की दावेदारी से भाजपा में असमंजस है।अभी तक कांग्रेस ने खुले तौर पर चुनाव प्रचार का ऐलान नहीं किया।