खजुराहो में दुनिया के लोग जानेंगे आदिवासियों की जीवन शैली और संस्कृति 

7:00 pm or February 23, 2023
रवीन्द्र व्यास
खजुराहो  23 फरवरी ;अभी तक;  जी 20 के संस्कृति सम्मेलन के मौके पर यहां आदिवर्त का लोकार्पण मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस मौके पर मध्य प्रदेश के कला और संस्कृति के क्षेत्र उत्कृष्ट कार्य करने वाले 100 लोगों को शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया।
                                    मुख्य मंत्री शिवराज सिंह ने आदि वर्त को अद्भुत बताते हुए   कहा कि कला  और संस्कृति ही मध्यपदेश की परंपरा को जीवंत बनाए रखती है।  कलाकारों  स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि   आदिवासी परंपरा भाषा कला सब अद्भुत है ।इसलिए आदि वर्त खजुराहो मे  बनाने का निर्णय लिया 2 साल पहले  लिया गया था। हमने खजुराहो को चुना क्योंकि पूरी दुनिया को दिखाना है आदिवासियों की लोक कला संस्कृति और परंपरा को तो खजुराहो से बेहतर कोई स्थान नहीं हो सकता यहां दुनिया भर के लोग आते हैं। प्रधानमंत्री द्वारा कलाकारों को सम्मान देने का कार्य किया है उसके लिए उनका आभार व्यक्त किया।
                               श्री चौहान ने  कहा कि  मध्यप्रदेश का संस्कृति विभाग साल भर कला के आयोजन करती रहती है। ताकि  कला के साथ जीवन की गाड़ी भी चलती रहे ,और कलाकारों की रोजी-रोटी भी चलती रहे। ऐसा सरकार प्रयास करती है आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों के लिए जिन लोगों ने  मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है  उनको अभी 800  रुपए का मानदेय  दिया जाता था, उसे बढ़ाकर  अब ₹5000 किया जाएगा ।कलाकार के ना रहने पर  कलाकारों के परिवार को ₹3500  मिलेंगे ।  कला प्रदर्शन के लिए अभी संस्कृति विभाग ₹800 प्रतिदिन मानदेय देती थी यह राशि भी बढ़ा कर 15 सो रुपए की गई है और भत्ता जो ढाई  सौ ₹ मिलता था उसको बढ़ाकर ₹500 प्रतिदिन किया गया ,कलाकारों की चिंता करना सरकार की ड्यूटी है।
                               कलाकारों की एक अलग दुनिया है और हम चाहेंगे कि उनके साथ बैठकर कुछ बातें हो कला के रंग देखेंगे।
                                 इस मौके पर  सांसद और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष  विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि खजुराहो कला, संस्कृति और अध्यात्म का केंद्र है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की  दूरगामी सोच के कारण  जी 20 संस्कृति कार्य समूह की बैठक का आयोजन खजुराहो में होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि विश्वविख्यात खजुराहो नृत्य समारोह के आयोजन का यह 49वा वर्ष है। इस नृत्य समारोह ने भी नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। सांसद ने कहा कि वर्ल्ड हेरिटेज और आइकॉनिक सिटी खजुराहो को नया स्वरूप प्रदान किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों और अधिकारी, कर्मचारियों सहित सर्वसमाज के सहयोग से खजुराहो शहर को सजाने संवारने और क्लीन एवं ग्रीन खजुराहो बनाने के कार्य में योगदान के लिए सभी का अभिनंदन कर उन्होंने आभार जताया।
                            इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री  वीरेंद्र कुमार, सूक्ष्म, लघु,मध्यम उद्यम मंत्री  ओमप्रकाश सखलेचा सहित अन्य विशिष्टजन  भी उपस्थित थे।
                         समारोह के अंत में मुख्यमंत्री श्री चौहान , केंद्रीय मंत्री श्री वीरेंद्र कुमार, प्रभारी मंत्री श्री सखलेचा ने मंच से नीचे आकर खटिया पर बैठकर  कलाकारों के साथ फोटो भी खिचवाएं तथा कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नृत्य को देखा।
                            समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश शासन के राज्य शिखर सम्मान से कलाकारों को अलंकृत भी किया। पदमश्री भूरी बाई, गोंड चित्रांकन के लिए दुर्गा बाई व्याम, बैगा नृत्य के लिए अर्जुन सिंह धुर्वे एवं जोधैया बाई, राई नृत्य को विश्वमंच पर पहचान दिलाने के लिए पदमश्री रामसहाय पांडेय को अलंकृत किया।
      हिंदी साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए अश्विनी कुमार दुबे, संस्कृत साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए डा.भगवतीलाल राज पुरोहित एवं  डा.विजया शर्मा, रूपंकर कला के लिए अनिल कुमार, नाटक क्षेत्र के लिए प्रशांत  खिड़वड़कर,
     जनजातीय और लोककला के क्षेत्र में योगदान के लिए सावित्री बाई बैगा, सारंगी वादन के क्षेत्र में योगदान के लिए उस्ताद मुन्ने खान को सम्मानित किया ।
        संचालक, संस्कृति  श्री अदिति कुमार त्रिपाठी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि आदिवर्त संग्रहालय के माध्यम से जनजातीय कलाकारों को स्थानीय उत्पाद और पेंटिंग इत्यादि के विक्रय का बेहतर मौका मिलेगा। इससे    कलाकारों की आजीविका भी सुदृढ़ होगी। कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा सामूहिक नृत्य भी प्रस्तुत किए गए।