खरगोन जिले में आदिवासी बिशन की हत्या का मामला, अरूण यादव के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने डीजीपी से मुलाकात

4:50 pm or September 8, 2021
खरगोन जिले में आदिवासी बिशन की हत्या का मामला, अरूण यादव के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने डीजीपी से मुलाकात
मयंक शर्मा
खंडवा ८ सितम्बर ;अभी तक; प्रदेश में लगातार आदिवासी वर्ग पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही है। नीमच, नेमावर, देवास, रीवा, मुरैना, बालाघाट आदि जिले में आदिवासी वर्ग के साथ घटित हो रही प्रदेश को शर्मसार करने वाली वीभत्स घटनाओं से लोगों का ध्यान अभी हटा नहीं और खरगोन जिले के बिस्टान में आदिवासी पर पुलिस प्रताड़ना से एक और मौत की चीख-पुकार फिर सुनाई देने लगी, आदिवासी बिसन को पुलिस कस्टडी में पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री का प्रयोग कर उसे प्रताड़ित कर मार दिया गया। इस घटना से पूरे जिले में आदिवासी वर्ग के लोगों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
                जहां प्रदेश कांग्रेस ने संज्ञान लेते हुए इस घटना की जांच हेतु समिति बनायी है, वहीं आज प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरूण यादव ने
प्रतिनिधि मंडल के साथ प्रदेश के पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी से मुलाकात कर विस्तृत जानकारी देते हुए घटना की उच्च स्तरीय जांच कराये जाने,
दोषियों पर कड़ी कार्यवाही घटना में संलिप्त निलंबित किये गये दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज किये जाने की मांग की है। प्रतिनिधि मंडल में श्री यादव के साथ प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता जे.पी. धनोपिया, रवि सक्सेना, अवनीश बुंदेला, अब्बास हाफिज, विक्की खोंगल, मो. सगीर, मिर्जा नूर बेग, मोनू सक्सेना, लोकमन कुशवाहा सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।
                श्री यादव ने आदिवासी युवक की मौत पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आखिर आदिवासियों के साथ दमनकारी रवैया क्यों अपनाया जा रहा है, ये घटनाएं प्रदेश को बेहद शर्मसार करने वाली घटनाएं हैं, सरकार इन घटनाओं पर मौन क्यों है? उन्होंने लचर कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए अपराधियों पर उचित दण्डात्मक कार्यवाही न होने पर पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैया को भी जिम्मेदार ठहराया।
                 श्री यादव ने कहा कि पुलिस अभिरक्षा में हुई बिसन की मौत से उसका परिवार असहाय हो गया है, ऐसी स्थिति में मृतक आदिवासी के परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया करायी काये, घटना की जांच हेतु उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाये। साथ ही प्रदेश सरकार आदिवासियों के साथ हो रही घटनाओं पर रोक लगाने के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देश दें। अन्यथा कांग्रेस पार्टी आदिवासी वर्ग के साथ खड़े होकर उनके न्याय की लड़ाई सड़कों पर लड़ने के लिए बाध्य होगी।