खरगोन साम्प्रदायिक दंगे में मुख्य भूमिका निभाने वाला समीर उल्ला को पुलिस की विशेष टीम ने किया गिरफ्तार

9:05 pm or July 31, 2022
आशुतोष पुरोहित
खरगोन 31 जुलाई ;अभी तक;   खरगोन पुलिस ने रामनवमी पर दंगे का फरार मास्टरमाइंड एक आरोपी को पुलिस ने आज  गिरफ्तार किया है। 10 हजार रूपये का इनामी अपराधी 30 वर्षीय समीर उल्ला पुत्र नसरूल्लाह खान को खलटांका और बालसमुद के बीच से आज  गिरफ्तार किया गया।
                       खरगोन में रामनवमी के जुलूस पर पथराव के बाद आगजनी और हिंसा का मुख्य आरोपी  को हाल ही में जिला दंडाधिकारी कुमार पुरुषोत्तम ने एनएसए भी जारी किया है। आरोपी 10 अप्रैल को खरगोन शहर में रामनवमी के जुलूस के दौरान पथराव, आगजनी और हिंसा के बाद से ही  फरार था। दंगे के दौरान भी कोतवाली थाने में  अपराध दर्ज किया गया था। एसपी धर्मवीर सिह यादव ने मीडिया को बताया की समीर उल्ला पर 10 अपराध दर्ज है। दंगे के बाद से फरार चल रहा था। हाल ही में जिला दंडाधिकारी ने एनएसए भी किया था। एनएसए के वारन्ट के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की विशेष टीम ने की है। एनएसए के आधार पर जेल भेजा जायेगा। दंगे को लेकर भी आरोपी समीर के खिलाफ कोतवाली थाने में अपराध दर्ज है। रिमांड लेकर पूछताछ की जायेगी।
                             हाल ही में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के प्रतिवेदन के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही की है। पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने बताया कि समीर उल्ला पर पुलिस द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। समीर उल्ला पिता नसरुल्ला की आपराधिक पृष्ठभूमि को लेकर पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने कलेक्टर को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जिसमें बताया गया है कि खरगोन के मोहन टॉकीज क्षेत्र के कुम्हारवाड़ा का निवासी अपने साथियों को संगमत होकर वर्ष 2016 से आपराधिक घटनाएं कर आम जनों को जान व माल को नुकसान पहुँचा रहा है। अपराधी अपने साथियों के साथ हर समय साम्प्रदायिक तनाव फैलाने के लिए तत्पर रहता है। अपराधी ने 09 संज्ञेय और 2 असंज्ञेय आपराधिक वारदातों को दिया अंजाम
                      पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया है कि अनावेदक द्वारा गत वर्षों में 9 संज्ञेय और 2 असंज्ञेय आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है। इसका सबसे ज्वलंत उदारहण 10 अप्रैल 22 को रामनवमी के जुलूस के दौरान उपजे साम्प्रदायिक दंगे है।