खराब मौसम से 80 फीसदी कम हुई मक्का की आवक

मयंक भार्गव

बैतूल ११ जनवरी ;अभी तक;  जिले में पिछले दो दिनों से हो रही मावठा की बारिश के चलते कृषि उपज मंडी में मक्का की आवक 80 फीसदी तक कम हो गई है। रविवार सुबह मंडी में व्यापारियों की मक्का गीली होने के चलते सोमवार को अधिकतर किसानों ने मंडी में मक्का बेचने नहीं लाई। शुक्रवार को मंडी में 25 हजार 758 बोरे की आवक हुई थी। इसके बाद दो दिन मंडी बंद थी इसके बावजूद सोमवार को मंडी में मात्र 5 हजार 113 बोरे मक्का की ही आवक हुई। मक्का की आवक 20 फीसदी ही रहने से सोमवार को मात्र 10 हजार 229 बोरे की ही आवक हुई है।

जिले में मक्का की बंपर पैदावार होने से बैतूल मंडी में प्रतिदिन 40 हजार बोरे तक मक्का की आवक होने लगी थी। जिसके बाद मंडी प्रबंधन द्वारा पहले तो मक्का की खरीदी एक दिन के अंतराल में सप्ताह में तीन दिन ही किए जाने की व्यवस्था बनाई थी। लेकिन इससे भी हालत नहीं सुधरने पर मक्का बेचने टोकन सिस्टम शुरू किया गया था। प्रतिदिन लगभग 20 से 25 हजार बोरे के लिए टोकन दिए जाते है। जिससे मंडी में मक्का बेचने वेटिंग चल रही है।

शुक्रवार को हुई थी 28 हजार बोरे की आवक

शुक्रवार को कृषि उपज मंडी बैतूल में 28 हजार 896 बोरे की आवक हुई थी जिसमें सर्वाधिक 25 हजार 758 बोरे मक्का की आवक हुई। इसके साथ ही 907 बोरे सोयाबीन, 21 बोरा चना और 2210 बोरे गेहूं की आवक हुई थी। मक्का की अत्यधिक आवक होने से व्यापारियों द्वारा रविवार तक भी मक्का नहीं उठाई गई थी जिससे रविवार सुबह हुई बारिश में हजारों बोरा मक्का गीली हो गई थी।

सोमवार को 5 हजार बोरे की ही आवक

सोमवार को दो दिन के अवकाश के बाद मंडी खुली थी। तब लग रहा था कि मक्के की बंपर आवक होगी लेकिन सोमवार को सिर्फ 5 हजार 113 बोरे मक्का की ही आवक हुई। जबकि सोयाबीन और गेहूं की आवक एक-एक हजार बोरे बढ़ गई। सोमवार को 5113 बोरे मक्का के साथ ही 1957 बोरे सोयाबीन, 3134 बोरे गेहूं और 25 बोरे चना के साथ ही मंडी में कुल 10 हजार 229 बोरे अनाज की ही आवक हुई जिससे मंडी प्रबंधन को मंडी शुल्क का नुकसान उठाना पड़ा।