खुद का दवाखाना खोलने की थी प्रतिद्वंदी डॉक्टर की हत्या

मयंक भार्गव

बैतूल ९ जून ;अभी तक;  पुलिस ने आखिरकार अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ही ली। इस घटना में यह सामने आया कि मृतक झोलाछाप डॉक्टर था और उसकी डॉक्टरी गांव-गांव में खूब चलती थी। मृतक से द्वेष रखने वाले दूसरे झोलाछाप डॉक्टर यह नागंवार गुजरा और उसने अपने साथी के मिलाकर ना सिर्फ चाय में बेहोशी की दवा मिलाकर बेहोश किया बल्कि गला घोंटने के बाद शव को कंबल में लपेटकर कुंए में भी फेंक दिया ताकि किसी को पता ना चल सकें। इतना ही नहीं मृतक घर से चुराए रुपए भी आधे-आधे आरोपियों ने बांट लिए थे। हत्यारों का सुराग देने वाले को पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद ने 5 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा भी की थी। यह घटना जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित शाहपुर थाने के अंतर्गत आने वाले ग्राम पावरझंडा के समीप घटित हुई।

कुंए में मिला था अज्ञात शव

शाहपुर थाना प्रभारी शिवनारायण मुकाती ने बताया कि ग्राम पहावाड़ी- पवारझंडा रोड़ के किनारे 19 मई को कुंए में एक शव मिला था। मृत शव की पहचान डॉ. प्रवीण कांति पिता पुलिन हलदार (63) निवासी पतोवापुरा के रूप में पुलिस ने की थी जो कि पेशे से डॉक्टरी का कार्य करता था। पुलिस ने डॉक्टर की मोबाइल काल डिटेल (सीडीआर) लोकेशन की जानकारी व लोगो से पूछताछ की तो पता चला कि मनोज मेहरा द्वारा डॉक्टर से  घटना वाले दिन दो तीन बार बात की थी। सीडीआर रिपोर्ट में भी मनोज के मोबाइल की लोकेशन घटना स्थल पहावाड़ी पावरझंडा रोड के पास कुआँ की निकली।

आरोपी ने कबूला जुर्म

पुलिस ने संदेह के आधार पर मनोज मेहरा जो कि डॉक्टर के घर के पास रहता था से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने डॉक्टर की हत्या अपने साथी सुनील पिता जमना प्रसाद वर्मा निवासी मालाखेड़ी, हाल मुकाम बरेठा के साथ मिलकर करना कबूल कर लिया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 270/21 धारा 302, 201 भारतीय दंड विधान कायम कर आरोपी मनोज मेहरा को गिरफ्तार किया। वही घटना  एक अन्य आरोपी  सुनील जो कि थाना रेहटी जिला सीहोर में अन्य अपराध में अपराध क्रमांक 86। 21 धारा 328 , 379  में रेहटी  थाने की पुलिस  के गिरफ्तार किया है। शाहपुर पुलिस  न्यायालय से सुनील का रिमांड लेकर पूछताछ करेगी।

ऐसे दिया हत्या को अंजाम

पुलिस को आरोपी मनोज ने बताया कि घटना वाले दिन मृतक डॉक्टर को उसने चाय में बेहोशी की दवाई मिलाकर दी जिससे डॉक्टर अचेत हो गया था। उसके बाद आरोपियों ने डॉक्टर के घर पर रखे 18,600  रुपये  दोनों ने आधे आधे बाँट लिये। आरोपियों ने अचेत अवस्था में ही डॉक्टर को टीवीएस मोटरसाइकिल पर बीच में बैठाकर पहावाड़ी रोड के कुंए के पास ले जाकर रस्सी से गला घोंट दिया। इतना ही नहीं उसके रस्सी से हाथ बांधकर कम्मल में लपेटकर कुंए में भी फेंक दिया। डॉक्टर का मोबाइल भी बन्द कर उसी कुंए में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मोबाइल भी जप्त कर लिया है।

खुद का दवाखाना खोलने की हत्या

हत्या का आरोपी सुनील वर्मा भी पेशे से झोलाछाप डॉक्टर जो गांव गांव में लोगो का इलाज करता है। लॉकडाउन में मृतक डॉक्टर प्रवीण हालदार द्वारा  लोगो का इलाज कर लगभग सत्तर हजार की राशि पोस्ट आफिस में जमा की गई थी। जिसके चलते सुनील मृतक से द्वेश भावना रखता था। आरोपी सुनील वर्मा मृतक डॉक्टर की हत्या कर उसकी जगह पर अपना दवाखाना खोलना चाहता था। इसी के चलते मनोज मेहरा के साथ सुनील वर्मा ने योजना बनाकर डॉक्टर को मौत के घाट उतार डाला।

इनकी रही अंधे कत्ल के खुलासे में भूमिका

\ पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद, एसडीओपी महेंद्र सिंह मीणा, निरीक्षक शिवनारायन मुकाती, उप निरीक्षक नीरज पाल, कमल सिंग ठाकुर, सउनि विनोद मालवीय, प्रधान आरक्षक रमेश, आरक्षक दीपक कटियार,  विवेक यादव, संजय बामने, मोहित भाटी, प्रवेश की सराहनीय भूमिका रही।
मयंक भार्गव, बैतूल से