गबन के आरोपी वीके ओझा को मिली जमानत, महाराष्ट्र बैंक गबन के मामले में मुलताई पुलिस ने किया था गिरफ्तार

9:16 pm or June 7, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल ७ जून ;अभी तक;  जिले के जौलखेड़ा स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुए करीब सवा करोड़ रुपए के गबन के आरोपी बनाए गए मशहूर पूर्व क्रिकेटर नमन ओझा के पिता को न्यायालय से जमानत मिल गई है। सोमवार को उन्हें मुलताई पुलिस ने गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। वहीं मंगलवार को न्यायालय में पेश करने पर पहले उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए गए। इसके बाद उनके अधिवक्ता  की ओर से प्रस्तुत जमानत आवेदन पर सुनवाई की गई। आवेदन को स्वीकार कर द्वितीय अपर जिला न्यायधीश उन्हें जमानत दी है।

बैंक ऑफ  महाराष्ट्र में सवार करोड़ रुपए के गबन के आरोपी बनाए गए वीके ओझा के अधिवक्ता अंशुल गर्ग ने बताया कि द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश के न्यायालय में उनके द्वारा जमानत आवेदन लगाया गया था। इस आवेदन को स्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने वीके ओझा को जमानत दे दी है। अधिवक्ता अंशुल गर्ग ने बताया कि जमानत आवेदन में उनके साथ-साथ अधिवक्ता प्रखर माहेश्वरी रतलाम ने भी पैरवी की थी।
कुल 10 बनाए थे आरोपी

मुलताई एसडीओपी नम्रता सौधिया ने बताया कि वर्ष 2014 में बैंक आफ महाराष्ट्र में सवा करोड़ के गबन के मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी विनय कुमार ओझा आठ साल से फरार थे। सोमवार गिरफ्तार कर उन्हें रिमांड पर लिया गया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने मंगलवार को न्यायालय में पेश किया।

फरार चल रहे थे वीके ओझा

मुलताई एसडीओपी नम्रता सोंधिया ने बताया कि 2014 में गबन का मामला दर्ज हुआ था। जिसमें 10 आरोपी बनाए गए थे। इनमें से 6 आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे। दो आरोपियों को पृथक किया जा चुका था। वहीं एक आरोपी की मौत हो गई थी। केवल एक आरोपी विनय कुमार ओझा की गिरफ्तारी शेष थी। पुलिस ने सोमवार को गबन के आरोप में सहायक प्रबंधक रहे विनय कुमार ओझा को गिरफ्तार किया है। विनय कुमार ओझा को सह आरोपी बनाया गया था। उस समय वे सहायक प्रबंधक थे। इनकी आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके राशि निकाली गई थी। जिससे इन्हें आपराधिक षड्यंत्र का आरोपी बनाया गया है।