गायत्री परिवार और सामाजिक संगठनो ने स्वच्छता अभियान का किया श्री गणेश

महावीर अग्रवाल
मंदसौर २८ नवंबर ;अभी तक;  गायत्री परिवार और समाजिक संगठनो ने स्वच्छता अभियान का श्री गणेश गायत्री मंत्र और गणेश मंत्र से श्री बड़े बालाजी मंदिर सुदामा नगर रामटेकरी पर किया। स्वच्छता अभियान कि शुरूआत करते हुए श्री बड़े बालाजी मंदिर राम टंेकरी के पुरोहीत प्रियांश जी पण्डित ने कहा की जहॉ साफ-सफााई स्वच्छता एवं निर्मलता होती है। वही माता लक्ष्मी का निवास होता है। दिपावाली दिपोत्सव पर्व हमें साफ-सफााई से रहना एवं मन कि निर्मलता का पाठ पढाता है। जो व्यक्ति जीवन में साफ सफााई और स्वच्छता को महत्व देता है। उसके जीवन मे आये सभी संकट दुर होते चले जाते है।
                 गांयत्री परिवार के योगेश सिंह सोम ने कहॉ की गायत्री परिवार और मंदसौर नगर के कई सामाजिक संगठन विगत कई वर्षा से सफाई अभियान चलाते आ रहे है। पुनः इसका श्री गणेश बडे़ बालाजी मंदिर रामटेकरी से किया गया है। नगर के सभी सामाजिक कार्यकर्ता आगामी रविवार 05 दिसम्बर प्रातः 09ः30 बजे शनि मंदिर खानपुरा पधारे और स्व. निर्मल जी मण्डोरा द्वारा जगाई गई इस जोत को प्रज्वलित करे।
                क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश पोरवाल ने कहा की प्रघानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान से आप हम सभी को प्रेरणा लेना चाहीए। अपने वार्ड क्षेत्र तथा सामाजिक एवं धार्मिक स्थलो की टोली बनाकर सतत् सफाई करते रहना चाहीए।
               बैककर्मी राजेन्द्र शाहता ने कहा की समाज मे जनजागृती और नवाचार के लिए किसी न किसी को तो आगे आना होगा। मैं विगत कई वर्षा से गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे अभियानो में सक्रिय सहभागीता करता हूं। क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ता मुकुल भार्गव ने कहा की आप हम सभी को गायत्री परिवार से प्ररेणा लेकर समाज और राष्ट्र की सेवा करना चाहीए।
                    इस अवसर पर जनजागृती संगठन के सचिव मनीष पारीख ने कहा की किसी भी मिशन के साथ जुड़कर चरेवेति-चरेवेति के सिद्धान्त को पालन करते हुए समाज और राष्ट्र की सेवा सर्वोपरी होना चाहीए। तन समर्पीत मन समर्पीत और यह जीवन समर्पित के भाव जब व्यक्ति में जागते है, तो ही समाज सेवा हो पाती है। इस अवसर पर विनोद कुमार सक्सेना, हर्ष भार्गव, अशोक धनोतिया, तथा बालाराम दडींग सहित क्षेत्रवासी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन बालाराम दडींग ने किया। और आभार योगेशसिंह सोम ने माना। यह जानकारी मनीष पारीख सर ने दी।