गायत्री परिवार ने धर्म का सही स्वरूप गांव-गांव में प्रस्तुत किया है-जितेंद्र सिंह ‘प्रज्ञेय

5:42 pm or July 19, 2022
महावीर अग्रवाल ’
मन्दसौर १९ जुलाई ;अभी तक;  अखिल विश्व गायत्री परिवार ने वर्षाे पुराने धर्म की रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़ते हुए हर व्यक्ति को धर्म से जोड़ने का कार्य किया है। भगवान पशुपतिनाथ के रूद्र अभिषेक की परंपरा को हमेशा-हमेशा के लिए गांवों में पहुंचाने का जो संकल्प लिया है उस कड़ी में छठे दिवसं ग्राम गुजरदा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अभिषेक किया।
                 कमल शर्मा ने विशेष सहयोग करते हुए  गुजरदा के कई परिवारों को एवं युवा भाई बहनों को इस दिव्य अनुष्ठान से जोड़ा है। गांव में अभिषेक जैसे विशेष अनुष्ठान करके हर व्यक्ति बहुत खुश और प्रसन्नता व्यक्त कर रहा है। श्रद्धालुओं ने बताया कि हमें यह मालूम था अभिषेक बहुत खर्चिला होता है लेकिन गायत्री परिवार ने तो श्रावण मास में हमारे हाथों से भगवान पशुपतिनाथ के रजत प्रतिमा पर विधि विधान के साथ निःशुल्क अभिषेक कराकर धर्म का सही दर्शन कराया है। भारतीय धर्म मुख्य रूप से श्रद्धा आस्था पर टिका हुआ है लेकिन इस धर्म को इतना बड़ा चढ़ाकर महंगा कर दिया कि हवन यज्ञ भी हजारों रुपए और अभिषेक में तो दो दो हजार रू. तक भी राशि ले ली जाती है। गायत्री परिवार ने हर कार्यक्रम को भारतीय वैदिक पद्धति को बहुत सरल सुगम और आनंदित करने वाले मंत्रों के साथ प्रत्येक मंत्र की व्याख्या करते हुए इसका महत्व बताकर हमें धन्य कर दिया ।
                      इस अवसर पर जितेंद्रसिंह प्रज्ञेय ने कहा भगवान शिव की साधना अभिषेक सावन मास की क्यों चुना जाता है इसका मुख्य कारण यह है महाकाल ने आकाश से लेकर सभी लोक तक एक माह तक विशेष रूप से अमृत वर्षा होती है । प्रकृति झूम उठती है और उसका लाभ भगवान शिव प्रत्येक कण कण में आकर जो भी अपनी इच्छाओं को लेकर साधना करता है । एकाग्रता से साधना करने पर सौ प्रतिशत मनवांछित फल मिल जाता है । प्रत्येक भक्तों के लिए यह समय अपने जीवन में परिवर्तन लाने वाला समय होता है दूसरों की सेवा न लेते हुए प्रत्येक सेवा कार्य स्वयं के द्वारा करने से इसके अद्भुत परिणाम आते हैं। आज भगवान शिव की हर तरफ विशेष रुप से साधना की जा रही है। यह धार्मिक वातावरण पूरी दुनिया में केवल भारत में ही देखने को मिलता है । आज वर्तमान समय में धर्म के प्रति सही दर्शन कराने की आवश्यकता है । धर्म और विज्ञान का समन्वय करते हुए ही युवा पीढ़ी को जो कि वर्तमान में पढ़ी लिखी हर बात को तोल कर ही कार्य करती है उसके लिए गायत्री परिवार धर्म का दर्शन कराते हुए नशा मुक्त मांसाहार मुक्त दहेज प्रथा मुक्त ऐसी कोई समाज में रूढ़िवादी प्रथा को खत्म करने का बीड़ा उठाया है । अभिषेक के माध्यम से सैकड़ों भाइयों के जीवन में परिवर्तन आएगा इसका पूर्ण विश्वास है। व्यासपीठ से जो भी यह महान कार्य करता है उसकी विशेष साधना और यजमान का उद्धार करने की भावना यदि निहित होती है तो इन वैदिक कार्यों का प्रत्येक साधक को लाभ मिलता है । भारत के गांव गांव में गायत्री परिवार की शाखाओं ने धर्म का बहुत बड़ा कार्य करते हुए प्रत्येक जाति प्रत्येक धर्म के व्यक्ति को भारतीय संस्कृति से अवगत कराया है। गायत्री परिवार में मातृशक्ति भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेकर कार्य कर रही है । अभिषेक अनुष्ठान के भक्तों की हार्दिक इच्छा यही होगी भारत में चारों तरफ शांति का वातावरण हो जाए, मनुष्य में देवत्व का अवतरण हो जाए, धरती स्वर्ग बन जाए इस और गायत्री परिवार ने गांव की ओर कदम बढ़ाया है यह बड़े परिवर्तन लाएगा। गायत्री परिवार की पूरी मंदसौर शाखा के कार्यकर्ता रात दिन गांव को अभिषेक पहुंचाने का क्रम जारी रखे हुए है। लीला मंडोवरा, चंद्रकला सेठिया, रेखा सिंह सोम, मधु कुंवर, भंवरसिंह चंद्रावत व गांव गांव की शाखाएं इसमें सहयोग कर रही हैं। यह एक संदेश है निःशुल्क धर्म होना चाहिए धर्म को कभी पैसे से नहीं बांधा जाए । यह जानकारी गायत्री परिवार के युवा प्रकोष्ठ प्रभारी पवन गुप्ता ने दी उन्होंने आह्वान किया है जो भी गांव इस अभिषेक को करना चाहते हैं गायत्री परिवार शाखा मंदसौर से संपर्क करते हुए अपने गांव में भी श्रावण मास में अभिषेक को करवा सकते हैं।