गुजरात और महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों की टेस्टिंग जिले के इंट्री पाईंट पर होगी

आशुतोष पुरोहित
खरगोन 28 दिसम्बर ;अभी तक;  प्रदेश के कृषि मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री ने कहा कि कोरोना की सम्भावित लहर से लोगो को सुरक्षित रखने के लिए पूर्व में ऑक्सीजन प्लांट और वैक्सीनेशन का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। इसके बावजूद भी आगामी तैयारी के लिए सभी अधिकारी और संकट प्रबंधन समूह सतर्क रहें। साथ ही सभी व्यवस्थाएं और सुविधाएं चुस्त दुरुस्त रहे। अभी वर्तमान में सावधानियां ज्यादा जरूरी है इसलिए कार्य सावधानियों के साथ संभलकर करे। प्रभारी मंत्री श्री कमल पटेल वीसी के माध्यम से जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समूह की बैठक में शामिल हुए और सम्बोधित किया।
                       प्रभारी मंत्री से संकट प्रबंधन समूह के सदस्य भी चर्चा की। संकट प्रबंधन समूह ने संभावित तीसरी लहर से जिले के नागरिकों को बचाने के लिए कुछ कड़े निर्णय लिए हैं। जो जिले के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें गुजरात और महाराष्ट्र से आने वाले नागरिकों की सेम्पल टेस्टिंग जिले के इंट्री पाईंट पर ही की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान को निर्देशन देते हुए कहा कि आरटीओ से समन्वय कर यह व्यवस्था बुधवार से ही प्रारंभ कर दी जाए। इसी तरह गुरूवार से जिले में बिना मास्क के घूमने वाले नागरिकों और दुकानों पर चालानी कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाएगी। जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समूह की बैठक में आपसी सहमति से निर्णय लिया गया है। इसके अलावा निजी डॉक्टरों के क्लिनिक में आने वाले मरीजों में कोरोना के लक्षण पाये जाने पर आरटीपीसीआर कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ चौधरी, अपर कलेक्टर श्री एसएस मुजाल्दा, अतिरिक्त पुसिस अधीक्षक श्री जितेन्द्रसिंह पंवार, डॉ. नीरज चौरसिया, सिविल सर्जन डॉ. दिव्येश वर्मा सहित संकट प्रबंधन समूह के सदस्य भी उपस्थित रहे।
*03 जनवरी से बच्चों का होगा टीकाकरण, संकट प्रबंधन समूह के सदस्य होंगे शामिल*
                        03 जनवरी से जिले में 15 से 18 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण कार्यक्रम प्रारंभ होगा। इसके लिए किसी एक स्कूल में शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री के भी शामिल होने की संभावना है। साथ ही इस कार्यक्रम में संकट प्रबंधन समूह के सभी सदस्य उपस्थित रहेंगे। कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने सीएमएचओ और सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर जिन डॉक्टरों और स्टॉफ नर्स की ड्यूटी या आदेश जारी किए जाए। उनसे पहले जिले में पद स्थापना के बारे में पता लगा लें। आदेश जारी होने के पश्चात जिले में पद स्थापना नहींे होने के कारण कार्य प्रभावित हो सकता है। इसलिए अभी से तैयारी करें।