गुनौर जनपद उपाध्यक्ष के चुनाव मामले मे पन्ना कलेक्टर को हाईकोर्ट की फटकार -कहा-सत्तासीन पार्टी के एजेंट की तरह कर रहे काम

3:37 pm or August 4, 2022
पन्ना-
दिलीप शर्मा (दीपक)
पन्ना (म.प्र) ४ अगस्त ;अभी तक; मध्य्प्रदेश के पन्ना जिले के गुनौर जनपद उपाध्यक्ष चुनाव के मामले मे पन्ना कलेक्टर को हाईकोर्ट की फटकार पड़ गयी है। न्यायालय ने कहा-की वह सत्तासीन पार्टी के एजेंट की तरह काम कर रहे है।हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी का वीडियो शोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।  कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पन्ना कलेक्टर को कल फटकार लगाई थी।वहीं जब अभी तक ने पन्ना कलेक्टर से इस सम्बन्ध मे बात की गयी तो उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। पन्ना कलेक्टर ने हारे हुए उम्मीदवार को विजयी घोषित किया था, हाईकोर्ट ने अब उन्हें किया तलब किया है और उन्हें  हाजिर होंने का हुक्म सुनाया है।
                     दरअसल पन्ना जिले के गुनौर जनपद पंचायत अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष के चुनाव 27 जुलाई को संपन्न हुए थें जिसमे उपाध्यक्ष निर्वाचन के दौरान कांग्रेस समर्थित परमानन्द शर्मा तथा भाजपा समर्थित राम शिरोमणि मिश्रा के बीच मतगणना कराया गया था जिसमे 25 सदस्यों मे 12-12 मत दोनो को प्राप्त हुए थे। एक वोट रिजेक्ट की स्थिति में था लेकिन सील का करीब 65 प्रतिसत हिस्सा परमानन्द शर्मा के पक्ष में था लिहाजा पीठासीन अधिकारी ने निर्णायक 25 वां वोट परमानन्द शर्मा के पक्ष में कर दिया जिससे 12 के मुकाबले 13 मत मिलने से परमानन्द शर्मा को एक वोट से जीत हासिल हुई । वहीं 12 मत रामशिरोमणि मिश्रा को प्राप्त हुए पीठासींन अधिकारी रामनिवास चौधरी तहसीलदार द्वारा परमानन्द शर्मा को विजय घोषित करते हुए प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया था।
                  इसके बाद हारे हुए प्रत्यासी ने संबंधित निर्वाचन को कलेक्टर पन्ना के न्यायालय मे प्रस्तुत किया गया। जिसपर कलेक्टर द्वारा उक्त निर्वाचन को निरस्त करते हुए फिर से अगले दिन 28 जुलाई को चुनाव कराने के निर्देश जारी किये। जिसपर पीटासींन अधिकारी ने लाट पर्ची डालकर रामशिरोमणि मिश्रा को विजय घोषित कर दिया। इस अपमान जनक घोर कार्यवाही के विरोध मे परमानन्द शर्मा ने माननीय उच्च न्यायालय मे अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्याय के लिए याचिका दायर की गई थी।  उक्त याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आदेश पारित करते हुए 27 जुलाई को संप्पन हुए चुनाव को यथावत करते हुए चुनावी प्रक्रिया को खिलवाड की श्रेणी में मानने हुए कलेक्टर संजय मिश्रा को फटकार लगाई है। माननीय न्यायालय ने कहा कि यहां प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया था। कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक एजेंट के रूप में कार्य किया।  उन्होंने स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं किया और चुनाव आयोग को उन्हें जिला रिटर्निंग ऑफिसर के पद से हटा देना चाहिए था। उक्त टिप्पणी से हडंकप मचा हुआ है।
                 पन्ना कलेक्टर ने गुनोर में एक हारे हुए उम्मीदवार को विजयी घोषित किया था, हाईकोर्ट ने अब उन्हें किया तलब किया है और उन्हें  हाजिर होंने का हुक्म सुनाया है।
             याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक अग्रवाल ने जिला कलेक्टर श्री मिश्रा को अनावेदक बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 17 अगस्त को उन्हें व्यक्तिगत रूप से तलब किया गया है।