गोटमार मेले मैं 500 के करीब हुए लोग घायल, 3 गंभीर 2 नागपुर रेफर, धारा 144 का खुला उल्लंघन 

छिंदवाड़ा से महेश चांडक
छिंदवाड़ा ७ सितम्बर ;अभी तक;  विश्वभर मैं प्रसिद्ध गोटमार मेला आज सांवरगांव और पांढुर्ना गाँव के लोगो के बीच खेला गया माँ चंडिका के चरणों मैं पूजा पाठकर दोनों गांव के लोगो ने बीच जाम नदी मै पलाश का पेड़ लगाकर पूजा पाठ के साथ गोटमार मेले मैं शामिल हुए जिसके बाद एक दूसरे पर पत्थर बरसाकर वर्षो पुरानी गोटमार खेलने की परंपरा निभाई गई है गोटमार मेले मैं ड्रोन कैमरे से नजर रखी गई है रस्सी मैं पत्थर को फसाकर तेज गति से फेंके जाने वाले गोफन, अस्त्र शस्त्र और बिक्री शराब पर प्रतिबंधित किया गया है
               वही सुबह से शुरू हुए इस गोटमार मेले का समापन सांवरगांव पक्ष की जीत और पांढुर्ना पक्ष की हार से समापन हुआ, सांवरगांव के पक्ष ने पांढुर्ना पक्ष को झंडा सोपकर सर्वसम्मिति से समापन किया दोनों पक्ष के लोगो ने पलाश के झंडे को चंडी माता के मदिर मैं अर्पित कर पूजन अर्चन किया गया इस मेले मैं 500 से ज्यादा के करीब हुए लोग घायल, 3 गंभीर और 2 लोगो को नागपुर रेफर किया गया है
              इस मेले के लिए जिला पुलिस प्रशासन द्वारा 1 हजार से अधिक पुलिस बल तैनात एवं 35 डॉक्टरों की टीम एवं 10 एम्बुलैस की व्यवस्था करी गई है साथ ही गंभीर घायल होने वालो को नागपुर ले जाने की भी व्यवस्था बनाई गई है
               ज्ञात हो की विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले की परंपरा निभाने के पीछे किवंदतियां और कहानिया जुडी है किवंदती के अनुसार पांढुर्ना के युवक और सावरगांव की युवती के बीच प्रेम संबंध था एक दिन प्रेमी युवक ने सांवरगांव पहुचकर युवती को भगाकर पांढुर्ना लाना चाहा जैसे ही दोनों जाम नदी के बीच पहुचे तो सांवरगांव के लोगो को खबर लगी प्रेमीयुगल को रोकने पत्थर बरसाए जिससे प्रेमीयुगल की मौत हो गई इस किवंदती को गोटमार मेला आयोजन से जोड़ा जाता है
             जिले के कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने विशेष संवाददाता महेश चांडक से चर्चा के दौरान कहा की मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है दोनों गाँव के लोगो के काफी संयम दिखाया है पिछले वर्ष की तुलना मैं इस वर्ष ज्यादा हताहत नहीं हुआ है कम लोग अस्पताल पहुंचे है मैं अपील करता हू की ऐसे आयोजनों को समय के साथ कम करते चले जाये और प्रतीकात्मक रूप से ऐसे मेलो का आयोजन हो
             जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल ने विशेष संवाददाता महेश चांडक से चर्चा के दौरान कहा की आज शांति एवं सुरक्षा के वातावरण मैं संपन्न हुआ है कोरोना गाइडलाइन का सभी ने पालन किया पुलिस और आला अधिकारी सभी फिल्ड मैं लगे हुए थे किसी को गंभीर चोटे न आये यदिकोई अप्रिय घटना की रिपोर्ट सामने आती है तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी
                 जिले के सीएमएचओ डॉ जी सी चौरसिया ने बताया की मेले मैं लगभग 400 लोग घायल हुए है साथ ही 100 लोगो को हलकी मामूली चोटे आई है 3 लोग गम्भीरघायल हुए है 2 लोगो कोनागपुर रेफर किया गया है
                  स्थानीय नागरिक आशु ने बताया की गोटमार मेला भले ही पारम्परिक है परंपरा के भाति कई वर्षो से निभाया जा रहा है पर इस परंपरा पर विसंगतिया हावी होने लगी है पांढुर्ना की पहचान इस गोटमार मेले के साल दर साल बदलते स्वरूप और मेले पर हावी विसंगतियों से नगर के बड़े – बुजुर्गो को दुःख होता है अभी तक इसमें 20 लोगो की जान जा चुकी है और हजारो की संख्या मैं लोग घायलहुँए है