गोली से आदिवासी की मृत्यु की सीबीआई से जांच कराये जाने की मांग को लेकर आदिवासी संगठनों ने सरकार के विरूद्ध मोर्चा खोला

3:05 pm or September 16, 2020
गोली से आदिवासी की मृत्यु की सीबीआई से जांच कराये जाने की मांग को लेकर आदिवासी संगठनों ने सरकार के विरूद्ध मोर्चा खोला

आनंद ताम्रकार

बालाघाट १६ सितम्बर ;अभी तक;  जिले के गढी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बसपहरा के जंगल में 6 सितंबर को गोली से मृत हुये झामसिंह धुर्वे नामक आदिवासी की मृत्यु की घटना की सीबीआई से जांच कराये जाने की मांग को लेकर मध्यप्रदेष,छत्तीसगढ एवं महाराष्ट के आदिवासी संगठनों ने सरकार के विरूद्ध मोर्चा खोल दिया है।

              कल मंगलवार को अलग अलग विधानसभा क्षेत्र के 5 विधायकों तथा विभिन्न आदिवासी संगठनों के पदाधिकारियों के नेतृत्व में एक रैली निकाली गई और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होने ज्ञापन में जिलाधीष द्वारा आदेषित घटना की दण्डाधिकारी जांच की बजाये न्यायायिक जांच कराये जाने की मांग की साथ ही घटनाक्रम में संलिप्त पुलिसकर्मीयों के खिलाफ कार्यवाही किये जाने की मांग की है। उन्होने ने चेतावनी दी है की यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नही की गई तो आदिवासी समूदाय द्वारा उग्र रूप दिया जायेगा।
ज्ञापन में 15 दिन के अंदर जांच के निष्कर्ष से अवगत कराये जाने का भी उल्लेख है। इस आदोलन के कारण जिलाधीष कार्यालय के आसपास का इलाक छावनी में तबदील हुआ दिखाई दे रहा था।

ज्ञापन देने वालों में विधायक भूपेन्द्र मरावी, नारायण सिंह पट्टा, डाॅक्टर अषोक मर्सकोले, अर्जुन काकोडिया, संजय उइके सहित पूर्व विधायक मधु भगत और संगठन के पदाधिकारी ष्शामिल थे।

ज्ञापन लेने के पष्चात प्रतिनिधि मण्डल एवं जिलाधीष श्री दीपक आर्य और अन्य अधिकारियों,मिडियाकर्मीयों की उपस्थिति में आदिवासीयों की समस्याओं से संबंधित मुद्दों पर बिन्दूवार चर्चा हुई।

कलेक्टर दीपक आर्य ने बैठक में अवगत कराया की मृतक झामसिंह उइके की मृत्यु की घटना की दण्डाधिकारी जांच के आदेष दे दिये गये है अपर कलेक्टर बैहर श्री षिवगोविंद मरकाम को जांच अधिकारी बनाया गया है।

ज्ञापन में उल्लेखित मांगों को शासन के समक्ष रखा जायेगा तथा जांच पष्चात आये निष्कर्षो के आधार पर कार्यवाही की जायेगी जो भी व्यक्ति दोषी पाया जायेगा उसके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।

कलेक्टर ने आष्वस्त कराया की हाकफोर्स एवं पुलिस जवानों द्वारा सर्चिंग के दौरान यदि आदिवासीयों के साथ कोई अभद्र व्यवहार किया जाता है अथवा अनुचित मांग की जाती है तो उसकी जानकारी उनके मोबाईल फोन पर तत्काल दे वे तत्परतापूर्व कार्यवाही करवायेगें।
उन्होने यह भी स्वीकार किया की मृतक के संबंध में जानकारी लिये जाने के पष्चात यह स्पष्ट हो गया है की उसका किसी भी प्रकार से नक्सली गतिविधियों से कोई सबंध नही था। साथ ही उन्होने अवगत कराया की मृतक के परिवारजनों को शासन द्वारा दी जाने वाले समस्त सुविधायें तथा सहायता प्रदान की जायेगी।

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