गौचर की बेशकीमती भूमि पर पटवारी की मिलीभगत से कर लिया अतिक्रमण 

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर २ मार्च ;अभी तक; ग्राम रिण्डा लीलाबाई पति सुन्दरदास पिता रामचन्द्र ने मंगलवार, 2 मार्च को कलेक्टर को जनसुनवाई में आवेदन देकर ग्राम रिण्डा स्थित शासकीय कृषि भूमि सर्वे नं. 649 जो गौचर की भूमि है को अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग की गई।
लीलाबाई ने दिये आवेदन में कहा कि ग्राम रिण्डा स्थित गौचर की भूमि सर्वे नं. 649 रकबा 3 बीघा के लगभग 70-80 वर्षों से रामचन्द्र पिता देवाजी बागरी के पास रही है एवं उनके द्वारा उस पर अपने परिवार के भरण पोषण के लिये कृषि कार्य किया गया है, लेकिन विगत 2 वर्ष पूर्व तत्कालीन पटवारी के.सी. सूर्यवंशी द्वारा मिलीभगत करके ग्राम रिण्डा निवासी कलावति बाई पति सीताराम राठौर एवं उनके पुत्र बालाराम, राजेश, दिनेश, अशोक के द्वारा उपरोक्त गौचर की भूमि पर कब्जा कर लिया है और अतिक्रमण के जुर्माने की रसीद भी उपरोक्त लोगों के नाम आने लगी है। यह भूमि ग्राम के मध्य होकर काफी बेशकीमती है। उपरोक्त जमीन का उपयोग शासन की योजनानुसार ग्राम ठान में होकर आबादी क्षेत्र विकसित करने के लिये भी हो सकता है एवं ग्राम के विकास के लिये पंचायत शाला भवन एवं मांगलिक भवन एवं अन्य उपयोगी कार्यालय बन सकते है एवं आंगनवाड़ी केन्द्र एवं अन्य विकास केन्द्रों की भी विकास की स्थापना हो सकती है।
लीलाबाई ने कलेक्टर से मांग की कि उक्त गौचर की भूमि को अतिक्रमणकर्ताओं से मुक्त कराई जावे एवं तत्कालीन पटवारी पर कार्यवाही कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जावे।
इस संबंध में मध्यप्रदेश हरिजन सेवक संघ के जिलाध्यक्ष जंगीबाबू तंवर ने भी कलेक्टर को पत्र लिखकर लीलाबाई को प्रदान करने की मांग की है।

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