गौरी अरजरिया के उपलब्धियो में एक ओर नगीना जुड़ा… नेपाल सीमा के समीप सिक्किम के विधानचंद्र की 18 हजार फीट ऊची चोटी पर किया तिरंगा वंदन …

6:23 pm or November 19, 2021
।।दीपक शर्मा पन्ना।।
पन्ना १९ नवंबर ;अभी तक; मध्यप्रदेश के पन्ना की  पर्वतारोही बेटी गौरी अरजरिया की उपलब्धियों के नगीने में एक ओर नगीना जुड़ गया है… उन्होंने नेपाल सीमा के समीप सिक्किम के विधानचंद्र पर्वत की करीब 18 हजार फीट ऊची चोटी पर सफलता पूर्वक चढ़कर तिरंगा बंदन किया है…। माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तापमान पर गौरी अरजरिया ने तिरंगा फहराकर न ही सिर्फ पन्ना का बल्कि मध्यप्रदेश को भी गौरवान्वित किया है।
                   पन्ना जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर सिमरिया के एक किसान के घर मे जन्मी गौरी अब पन्ना के लिए कोहिनूर बन गयी है।…उन्होंने अपने हिम्मत और साहस से नेपाल बॉर्डर स्थित करीब 18000 फीट ऊंचाई विधानचंद्र राय पीक को सम्मिट किया। ओर सिक्किम में वर्फ़ीले पहाड़ों पर चढ़ने में सफलता हासिल की। अब गौरी का सपना एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ कर तिरंगा लहराने का है …। वह विश्व की सर्वश्रेष्ठ पर्वतारोही भी बनना चाहती है। गौरी ने इससे पहले उत्तराखण्ड की 12 हजार फीट ऊॅची चोटी पर माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तापमान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परिवार और जिले का नाम रोशन किया था ।गौरी अब बुंदेलखंड की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गयी है। वहीं क्षेत्र की अन्य बेटियां भी गौरी से प्रेरणा लेकर खेल सहित अन्य क्षेत्रों में भागीदारी के लिये  प्रोत्साहित हो रही है।
                   पन्ना से दार्जलिंग रवाना होने से पहले पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने पर्वतारोही इस बेटी को चेक और टेबलेट भेंटकर सम्मान किया था।साथ ही उन्हें पन्ना जिले की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया था।मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के सिमरिया क्षेत्रांचल की बेटी पर्वतारोही गौरी अरजरिया ने एक और पीक सम्मिट कर क्षेत्र सहित पूरे जिले का नाम रोशन किया है। पुनः पीक सम्मिट करने के उद्देश्य से पर्वतारोही गौरी पन्ना से 16 अक्टूबर को हिमालयन माउंटेनिग दार्जलिंग को रवाना हुई थी। जहां पहुचकर करीब 6 दिन रुक कर अभ्यास किया।अभ्यास करने के बाद वहां से  सिक्कम पहुँच कर यत्सुम से चढ़ाई ट्रैकिंग चालू की।गौरी के साथ भारत के विभिन्न राज्यों से करीब सैंतालीस लोग समूह में शामिल हुए, जिसमें 5 लड़की व 42 लड़के शामिल थे।लेकिन मध्यप्रदेश से सिर्फ एक गौरी अरजरिया शामिल थी। यहां 17 दिन के हिसाब से समूह के  साथ प्रतिभागियों द्वारा अपना स्वयं का पूरा सामान लेकर करीब 20 किलो वजन के साथ चढ़ाई चालू की।
                गौरी ने बताया कि करीब 6 दिन चढ़ाई करने के बाद एबीसी बेस कैंप पहुंचकर 9 दिन रुक कर ग्लेशियर राठौग में फिर से ट्रेनिंग ली।करीब 9 दिन रुकने के बाद नेपाल बॉर्डर सिक्किम राज्य करीब 18000 फीट ऊंचाई विधान चंद्रराय पर्वत पर चढ़ाई की गई।यहां पहुंचने पर -15 के तापमान में समूह के सभी साथियों द्वारा तिरंगा फहरा कर तिरंगा बंदन किया गया।जहाँ से वापस लौटने पर 15 नवम्बर को हिमालयन इंस्टीट्यूट दार्जलिंग में एयरफोर्स ग्रुप के कमांडर जयकिशन दत्ता व अन्य के द्वारा पर्वतारोही का बैच लगाकर गौरी अरजरिया को सम्मानित किया गया।उन्होंने बताया कि उनका सपना विश्व की सबसे ऊँची चोटी पर फतेह हासिल करना है, और इसी उद्देश्य को लेकर वह आगे बढ़ रही हैं। ओर वह जल्द ही एवरेस्ट की चोटी पर भारतीय ध्वज फहराएगी।इसके लिए वह तैयारियों में जुटी है। विधानचंद्र पर्वत पर चढ़ाई इसी तैयारी का एक हिस्सा है।
                  पन्ना जिले की बेटी गौरी ने सबसे पहले 2019 में पश्चिम बंगाल दार्जिलिंग से बेसिक किया था जो पर्वतारोही का एक डिप्लोमा होता है। इसके बाद एक महीने की ट्रेनिंग ली। और फिर एक पिक रेनोक पिक 17 हजार 500 फ़ीट की सम्मिट की।लेकिन उसके बाद देश मे कोरोनॉ संक्रमण बढ़ने के कारण वह दो साल कुछ नहीं कर सकीओर घर पर ही रहना पड़ा।लेकिन जैसे ही कोविड से थोड़ी सी राहत मिली तो गौरी ने जनवरी 2021 में केतार कंट सम्मिट किया ओर  26 जनवरी 2021 को 12 हजार 500 फ़ीट की चढ़ाई कर केतार कंट में राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर देश मे सुर्खियों में आ गयी।जिसके बाद पन्ना के इस नायाब हीरे को पन्ना जिला प्रसासन ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत उसे ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया। वहीं जिल्रे की जनता से भी गौरी को भरपूर प्यार ओर सम्मान मिला…। गौरी का सपना अब एवटेस्ट की चोटी पर तिरंगा लहरा कर देश का नाम रोशन करने का है।
                       कहते है कि “मंजिल उन्ही को मिलती है जिनके सपनो में जान होती है…पंख से कुछ नही होता,हौसलों से उड़ान होती है….।”  पन्ना जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर सिमरिया गावँ के एक छोटे से किसान के घर जन्मी गौरी अब पन्ना जिले की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की ब्रांड एंबेसडर हैं। गौरी ने सिक्किम के नेपाल वार्डर पर 18 हजार फीट ऊॅची चोटी और माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तापमान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। अब उसका सपना एवरेस्ट फतह करने का है।और उसने अपने किसान माता-पिता का सपना पूरा करने के लिए आगे कदम बढ़ा दिए है। गौरी बताती है कि उसके परिवार में दादी मम्मी पापा ओर दो छोटे भाईओं के साथ वह सबसे बड़ी है।उनके पिता एक छोटे काश्तकार है जो खेती किसानी करते हैं। गौरी खुद एक ब्यूटीशियन है जो अपने गावँ सिमरिया में चार-पांच साल से ब्यूटी पार्लर चलाती है ओर उससे जो पैसे कमाती है उससे वह पर्वतारोही के लिए आवश्यक प्रशिक्षण में खर्च कर देती है।किंतु यह अर्जित राशि बहुत कम होती है…लेकिन गौरी के संकल्प ओर हौसलों को देखकर मदद के लिए कई हाथ उठ जाते है।साथ ही अब शाशन -प्रसासन भी मदद कर रहा है। उसने बीएससी करने के बाद डी ऐड किया और डीसीए भी किया है। गौरी के पिता का सपना था की बेटी पुलिस की नौकरी करे… लेकिन किस्मत ने साथ नही दिया ओर लगातार चार कोशिशों के बाद भी पुलिस की जॉब नहीं मिल सकी। लेकिन कहते है कि…
‘पसीने की स्याही से जो लिखते है इरादों को,उनके मुकद्दर के सफेद पन्ने कभी कोरे नही होते।”
                     गौरी ने आगे बताया कि मैंने सिक्किम नेपाल बॉर्डर पर स्थित विधान चंद्र मीट को सम्मिट किया है। पीक सबमिट करने में कुल 47 लोग शामिल हुए जिसमें 42 लड़के थे और केवल 5 लड़कियां थी इस ग्रुप में मध्यप्रदेश से अकेली लड़की थी। हम सभी साथियों ने 18 हजार फीट पर चढ़ाई कर तिरंगा वंदन किया ओर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर 15 नवंबर को वापस लौटने पर हिमालयन इंस्टीट्यूट दार्जिलिंग के प्रिंसिपल एयर फोर्स के कमांडर जय किशन द्वारा बैच लगाकर सम्मानित किया गया और आगे के लिए शुभकामनाएं दी गई।
समाजसेवी रामचंद्र द्विवेदी ने किया हर्ष व्यक्त,कहा-गौरी है पन्ना का हीरा
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                गौरी के विधानचंद्र की 18 हजार फीट ऊची सरदीली चोटी पर तिरंगा फहराने पर जिले के युवा समाजसेवी रामचंद्र द्विवेदी ने हर्ष व्यक्त करते हुए गौरी को पन्ना का हीरा बताया है।ओर आशा व्यक्त की है कि वह एक दिन अपने मिशन में जरूर कामयाब होंगी एवं एवरेस्ट की चोटी पर वह तिरंगा फहराने वाली  बुंदेलखंड की पहली महिला होगी।
गौरी की कामयाबी ओर उज्ज्वल भविष्य के लिए कलेक्टर संजय मिश्रा ने दी शुभकामनाएं
—————————————————————  पन्ना जिले की बेटी माउंटेनियर गौरी अरजरिया की इस उपलब्धि पर पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने
गौरी की कामयाबी ओर उज्ज्वल भविष्य के लिए  शुभकामनाएं दी है। गौरी ने विधानचंद्र के पूर्व केदारकाठा उत्तराखण्ड में 12500 एवं 17500 फीट ऊंची हिमालय की चोटियों पर फतह हांसिल कर तिरंगा फहराया है। वह आंगे भी ये पर्वतारोहण का कार्य जारी रखती हैं तो एक दिन एवरेस्ट पर फहत हांसिल करेगी। श्री मििश्ररा ने कहा कि गौरी को पढ़ाई-लिखाई और किसी भी तरह के प्रशिक्षण की जरूरत होगी तो जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद की जाएगी।गौरी ने स्वप्रेरणा से स्वयं के बलबूते पर अपने परिवार जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है आगे भी इनके द्वारा प्रयास किए जाएंगे तो एक दिन दुनिया में देश का नाम रोशन करेंगी। इन्हें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम का ब्राण्ड एम्वेस्डर बनाया गया है। इनसे प्रेरणा लेकर हमारे जिले की बेटियां पढ़ाई-लिखाई एवं खेल के क्षेत्र में नाम कमाएंगी।