ग्रामीणो ने जल श्रोतो का पूजन कर, लोगो मे जल के प्रति गंभीर रहने की जगाई अलख

10:53 pm or June 16, 2022
(दीपक शर्मा)
पन्ना १६ जून ;अभी तक; पानी एक ऐसा मुद्दा रहा है जोकि भारत में हमेशा से आस्था के साथ जोड़ा गया है। विगत वर्षों में जलवायु परिवर्तन और हमारी जरूरतों की वजह से जल स्तर में काफी गिरावट आई है और हम लोगों ने जल स्रोतों को दूषित भी किया है। इस सब को देखते हुए स्वंयसेवी संस्था समर्थन टीम ने तय किया की पानी के मुद्दों को लोगों से जोड़ने के लिए हमे आस्था के माध्यम से लोगों के दिलों में पानी को लेकर संवेदना बढ़ानी होगी जिससे की लोग जल स्तर, पानी की शुद्धता और पानी के संरक्षण हेतु पुनः अपने अपने घरों से प्रयास शुरू करें।
                    इसी कड़ी में संस्था के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र मे पहुचकर लोगो को जागरूक किया तथा जल श्रोतो का पूजन कराने की शुरूआत की गई। जिसका उद्देश्य बिना जल के जीवन संभव नही है इस लिए यह जल स्त्रोत हमारे जीवन के आधार है और यह देवताओं से कम नही है। इस लिए इन जल श्रोतो की पूजा करना तथा सरंक्षित करना सभी का कर्तव्य है क्योकि जल के द्वारा ही सभी चीजे संभव है। सरकारो के साथ साथ हम सभी को भी पानी रोकने, पानी को संरक्षित करने की जिम्मेवारी है। सरकार ने 2024 तक हर घर मे पाईप लाईन डालकर पानी पहुचाने का वादा किया है लेकिन जब पानी संरक्षित करने के श्रोत ही नही होगें तो सप्लाई कहा से होगी। इस लिए जल को संरक्षित करना है।