ग्रामीण अंचलो की बावडियों का होगा जिर्णोद्धार

महावीर अग्रवाल
मंदसौर 28 मई ;अभी तक;  ग्रामीण क्षेत्रों में प्राचीन धरोहरों को मनरेगा योजना से संवारने के उद्देश्यो से जिला स्तर से मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रो में लम्बे समय से वीरान पडे पेय जल स्त्रोतो के जिर्णोद्धार किये जाने की कार्ययोजना बनाई जा रही है, जो रखरखाव के अभाव में अपना अस्तीरत्वा खो चुके हैं।
पुराने पेयजल स्त्रोत जैसे बावडियों, कुए, तालाबो का जिर्णोद्धार होने से ग्रीष्म  ऋतु में ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल के संकट का सामना न करना पडे, इसी उद्देश्य  के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा विकासखण्ड सीतामऊ की ग्राम पंचायत घसोई, कांटिया, तरनोद, सुरखेडा, मोरखेडा का निरीक्षण किया गया।
इन ग्राम पंचायतो में घसोई में खाखरा हनुमान मंदिर, हरणेशवर महादेव मंदिर की पुरानी बावडियों, कांटिया में हनुमान मंदिर के पास बावड़ी, तरनोद में पुराने बड के पास वाली 2 बावडियों का चिन्हाकन कर सहायक यंत्री को तकनिकी स्वीकृती जारी कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिये गये।