ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड मरीज मिलने वाले जिलों में बैतूल टॉप पर

मयंक भार्गव

बैतूल १४ जनवरी ;  कोविड की तीसरी लहर में प्रदेश में मिलने वाले कोविड मरीजों में अधिकतर मरीज शहरी क्षेत्र में ही मिल रहे हैं। लेकिन बैतूल जिला इसका अपवाद माना जा सकता है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र महाराष्ट्र बार्डर से लगे होने के कारण बैतूल जिले में तीसरी लहर में मिले मरीजों ने ग्रामीण क्षेत्र में 62.2 फीसदी मरीज मिले हैं जबकि शहरी क्षेत्रों में मात्र 37.8 फीसदी मरीज है। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वाधिक मरीज मिलने के मामले में बैतूल जिला प्रदेश में सबसे ऊपर है। बैतूल के बाद दूसरे नंबर पर रतलाम जिला है जहां ग्रामीण क्षेत्र में मात्र 22.1 फीसदी मरीज है।

;                       कोविड की तीसरी लहर की शुरूवात वैसे तो दिसम्बर के अंतिम सप्ताह से हो गई थी लेकिन नए साल में जनवरी के प्रथम सप्ताह में कोविड के नए मरीजों की संख्या में तेजी से उछाल आया है। कोविड की तीसरी लहर में मिलने वाले मरीजों में अधिकतर मरीज शहरी क्षेत्र में मिल रहे हैं। बैतूल जिले को छोड़कर प्रदेश के अन्य जिलों में 77.9 फीसदी से 97.5 फीसदी तक नए मरीज शहरी क्षेत्रों में ही मिल रहे हैं लेकिन बैतूल जिला पूरे प्रदेश में एक मात्र जिला है जहां 62.8 फीसदी मरीज ग्रामीण क्षेत्र में मिल रहे हैं। जबकि शहरी क्षेत्रों में मिलने वाले मरीज प्रदेश में सबसे कम 37.2 फीसद ही है।

जिले में तीसरी लहर में बुधवार रात तक 204 कोविड मरीज मिल चुके हैं। राहत की बात है कि इनमें मात्र एक मरीज ही वर्तमान में अस्पताल में भर्ती है।

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक कोविड मरीज मिलने का जो कारण सामने आ रहे हैं उसमें प्रमुख कारण जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की सीमा महाराष्ट्र बार्डर से लगती है। महाराष्ट्र इस समय देश का सर्वाधिक संक्रमित राज्य है। बार्डर से लगे कई ग्रामों के ग्रामीण रोजगार की तलाश के साथ ही अन्य कार्यों से प्रतिदिन महाराष्ट्र जाते हैं। बार्डर पर रोकटोक नहीं होने और सभी की स्क्रीनिंग नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड संक्रमण तेजी से फैल रहा है जिसके चलते जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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