ग्रामीण क्षेत्रों में बन रही अवैध रेलवे टिकिट जबकि गंज में भी रेलवे टिकिट बनाते एक गिरफ्तार

मयंक भार्गव

बैतूल एक सितम्बर ;अभी तक;  शहर के साथ ही अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी आईआरसीटी की सेल्फ आईडी से कम्प्यूटर सेंटर की आड़ में ट्रेन की ई टिकिट बनाकर 50 से 100 रूपए प्रति टिकिट महंगी बेचने का सिलसिला शुरू हो गया है। घोड़ाडोंगरी के समीप ग्राम मेहकार में रेलवे की ई टिकिट बनाकर 50 से 100 रूपए कमीशन लेने वाले एक कम्प्यूटर संचालक को आरपीएफ टीम ने गिरफ्तार किया है। आरपीएफ ने युवक के पास से एक कम्प्यूटर और 14 हजार 962 रूपए की 1८ ई टिकिट बरामद की है। आरपीएफ ने कम्प्यूटर संचालक के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया है।

आरपीएफ थाना प्रभारी बैतूल केबी सिंह ने बताया कि घोड़ाडोंगरी के ग्राम मेहकार में एक इंटरनेट संचालक द्वारा अपनी पर्सनल यूजर आईडी से रेलवे की टिकिट बनाकर 50 से 100 रूपए महंगे दामों में बेचता था। इसकी सूचना मिलने के बाद सीनियर डीएससी नागपुर एवं एएससी नागपुर के निर्देशन में आरपीएफ घोड़ाडोंगरी चौकी की ग्राम मेहकार डिजिटल सेवा कॉमन सर्विस सेंटर पर छापा मारा। यहां संचालक मनीष सोलंकी पिता रामकृष्ण सोलंकी (२६) निवासी खानपुर पोस्ट रानीपुर तहसील घोड़ाडोंगरी, जिला-बैतूल को हिरासत में लिया। टीआई श्री सिंह ने बताया कि मनीष सोलंकी द्वारा स्वयं की पर्सनल आईडी से आईआरसीटीसी बेवसाइट से रेलवे की ई-टिकिट बनाई जाती थी। मनीष सोलंकी द्वारा ई टिकिट को 50 से 100 रूपए अधिक कीमत वसूल कर यात्रियों को बेची जाती थी। जब आरपीएफ द्वारा मनीष सोलंकी से टिकिट बनाने का अधिकृत लायसेंस मांगा तो वह प्रस्तुत नहीं कर पाया। मनीष सोलंकी के पास से १४,९६२ रूपए की 1८ पुरानी टिकिट मिली जो सभी मनीष की पर्सनल आईडी से बनाई गई थी आरपीएफ द्वारा १४,९६२ रूपए की टिकिट बरामद करने के साथ ही २५ हजार ४०० रूपए का कम्प्यूटर सिस्टम भी बरामद किया। आरोपी मनीष सोलंकी के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत अपराध दर्ज किया है।

आरपीएफ थाना प्रभारी बैतूल केबी सिंह के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में घोड़ाडोंगरी चौकी प्रभारी एसआई संजय यादव सहित अन्य जवान मौजूद थे। आरपीएफ की इस कार्रवाई से रेलवे ई-टिकिट का गोरखधंधा करने वालों में हड़कंप है।

इधर शहर के गंज क्षेत्र में आईआरसीटी की सेल्फ आईडी से कम्प्यूटर सेंटर की आड़ में ट्रेन की ई टिकिट बनाकर 50 से 100 रूपए प्रति टिकिट महंगी बेचने वाले एक कम्प्यूटर संचालक को आरपीएफ टीम ने गिरफ्तार किया है। आरपीएफ ने युवक के पास से एक कम्प्यूटर, एक करंट टिकिट और 19 पुरानी टिकिट बरामद की है। बरामद टिकिट की कीमत 10 हजार 373 रूपए है। आरपीएफ ने कम्प्यूटर संचालक के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया है।
आरपीएफ थाना प्रभारी बैतूल केबी सिंह ने बताया कि गंज क्षेत्र में एक इंटरनेट संचालक द्वारा अपनी पर्सनल यूजर आईडी से रेलवे की टिकिट बनाकर 50 से 100 रूपए महंगे दामों में बेचता था। इसकी सूचना मिलने के बाद सीनियर डीएससी नागपुर एवं एएससी नागपुर के निर्देशन में आरपीएफ बैतूल की टीम ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र गंज के पास स्थित विस्टर इंटरनेट पर छापा मारा। यहां संचालक रविशंकर भारती पिता शिवप्रसाद भारती (30) निवासी नर्मदा मंदिर के पास नादिरा थाना बैतूलबाजार को हिरासत में लिया। टीआई श्री सिंह ने बताया कि रविशंकर द्वारा स्वयं की पर्सनल आईडी से आईआरसीटीसी बेवसाइट से रेलवे की ई-टिकिट बनाई जाती थी। रविशंकर द्वारा ई टिकिट को 50 से 100 रूपए अधिक कीमत वसूल कर यात्रियों को बेची जाती थी। जब आरपीएफ द्वारा रविशंकर से टिकिट बनाने का अधिकृत लायसेंस मांगा तो वह प्रस्तुत नहीं कर पाया। रविशंकर के पास 598.68 रूपए की एक लाइव टिकिट मिली वहीं 9,775.08 रूपए की 19 पुरानी टिकिट मिली जो सभी विस्टर पर्सनल आईडी से बनाई गई थी जिसका पासवर्ड था। आरपीएफ द्वारा 10,373.76 रूपए की टिकिट बरामद करने के साथ ही 34 हजार 800 रूपए का कम्प्यूटर सिस्टम भी बरामद किया। आरोपी रविशंकर के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत अपराध दर्ज किया है।
आरपीएफ थाना प्रभारी बैतूल केबी सिंह के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में एसआई बीके राम, एसआई सचिन सोनुले, एएसआई राकेश मिश्रा सहित अन्य जवान मौजूद थे। आरपीएफ की इस कार्रवाई से रेलवे ई-टिकिट का गोरखधंधा करने वालों में हड़कंप है।