ग्राम पंचायतों में सरपंच और सचिव दोनों ने मिलकर सड़कें बनाई नहीं जबकि कार्य कागजों में पूर्ण हो चुका

रवि शर्मा
भिंड १७ सितम्बर ;अभी तक; भिंड जिले में ग्राम पंचायतों में सरपंच और सचिव दोनों ने मिलकर सड़कें बनाई नहीं और सड़कें बढ़ाने का कार्य कागजों में पूर्ण हो चुका है और पंचायत के खाते पूरी रकम निकाली गई । 30 पंचायतों की अब होगी जांच ।
                 भिंड कलेक्टर ने 1 सप्ताह मैं मांगी जांच रिपोर्ट । जिला स्तर पर आए शिकायतों में से हर जनपद पंचायत शिक्षा टॉप 5 पंचायतों की होगी जांच । इस तरह 30 पंचायतों की होनी है जांच कोरोना के चलते भले ही पंचायतों के चुनाव चल रहे हो लेकिन दावेदारों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं यही वजह है कि आप पंचायतों में सरपंच और सचिव द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की शिकायतें बढ़ गई हैं जो अभी बस्ते में कैद थी ऐसे में प्रत्येक जनपद पंचायत में सर्वाधिक शिकायत वाली टॉप फाइव पंचायतें छुट्टी गई है इन पंचायतों की बारीकी से जांच कराने के आदेश कलेक्टर भिंड डॉक्टर सतीश कुमार एप्स में एसडीएम को दिए हैं ।
               बता दें कि जिला स्तर पर प्राप्त होने वाली पंचायतों की शिकायत की जांच के लिए कलेक्टर अथवा जिला पंचायत लोहारा जनपदों को मार कर दिया जाता था क्योंकि जांच क्योंकि जांच के लिए पीसीओ पंचायत समन्वय अधिकारी श्रेणी कर्मचारी को पंचायतों में भेज देने थे जिनकी जांच के नाम पर सिर्फ लीपापोती हो जाती थी जबकि शिकायतें लगातार दिन प्रतिदिन जिला स्तर पर अधिकारियों को प्राप्त होती रहती हैं ऐसे में कलेक्टर इस जनपद में सर्वाधिक शिकायतें आने वाली टॉप 5 पंचायतों की जांच के आदेश एसडीएम को दिए हैं साथ ही जनपद सीईओ को भी पूरे जिले में के बाद इसके बाद तकरीबन 200 पंचायतों की शिकायतें लंबित है भ्रष्टाचार करने में पूरा का पूरा गांव के विकास का पैसा सरपंच सचिवों ने मिलकर शासन द्वारा दिया गया कैसे को हजम कर गए बैंक के खाते भी नाम मात्र के पैसे ले रहे हैं बाकी सभी पंचायतों का नंबर आने वाला है भिंड जिले की जनपद पंचायतों में सर्वाधिक शिकायतें आने वाली 30 पंचायतों का चयन किया गया है जिसको जांच के लिए कलेक्टर साहब ने सभी एसडीएम को पत्र लिखा है इन पंचायतों की जांच 1 सप्ताह के भीतर पूरी होने के बाद फिर से 30 पंचायतों का चयन होगा इस तरह कड़ी चढ़ती चली जाएगी और भ्रष्टाचार होता चला जाएगा जेजे जैन सीईओ जिला पंचाय भिंड ने बताया