घाट नहीं होने पर पत्थरों से फिसला श्रद्धालु पानी में डूबने से हुई मौत

मयंक शर्मा

खंडवा १६ अक्टूबर ;अभी तक; जिले मेे नर्मदा तट के एक स्थल संत सिंगाजी  समाधि पर इस बार पिछले वर्ष से अधिक  श्रद्धालुओं की भीड यहां पहुंची। अमावस्या पर 20हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने संत सिंगाजी महाराज के दर्शन किए जिसको लेकर प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी । नर्मदा बांध के बेक वाटर से घिरे समाधि  के  जलाशय में श्रद्धालुओ ने डुबकी लगाई और फिर संत सिंगाजी महाराज की समाधि पर पूजा अर्चना की ।

अनहोनी यह हो गयी कि यहां घाट नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी ।बीड़ पुलिस चैकी प्रभारी विक्रम धारवे  ने बताया कि पुलिस प्रशासन  मौजूद था जैसे ही पता लगा कि युवक डूब रहा है,मूंदी थाना टीआई अंतिम पंवार पानी में कुंद पडे ।युवक को बाहर निकाला जब तक सांसे चल रही थी । श्री पंवार ने बताया कि  हमने उसे जलाशह से बाहर निकाल कर मूंदी स्वास्थ केन्द पंहुचाया लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते मे उसकी मौत हो गई है

उल्लेखनीश् है कि यहसं श्रद्धालुओं को स्नान करने के लिए रेलिंग कूदकर नीचे उतरना पड़ता है  जिससे चलते शुक्रवार को एक श्रद्धालुओं की डूबने से मौत भी हो गई है। मृतक कमल पिता शेरू जाति गोंड उम्र 38 वर्ष ग्राम अंजटी का रहने वाला था। बीड चोकी ने मर्ग कायम किया है।

यहां जलाशय पर       स्थाई घाट नहीं होने के कारण कहीं महिला पुरुष रेलिंग से नीचे उतर कर पत्थरों पर से नीचे उतरती है और स्नान करते हैं लेकिन पत्थरों में काई  जमी होने के कारण उतरने वाले फिसलन के शिकार होने का खतरा हेाता े है ं । यहां स्थाई घाट का निर्माण भी होना चाहिए जहां पर महिलाओं को अलग और पुरुष का अलग घाट बने।चेंजिंग रूम की व्यवस्था हो ताकिें महिला को शर्मिंदा ना होना पड़े।   सिंागजी धाम के  महंत रतन महाराज ने बताया कि इस वर्षं प्रशासन के निर्देश पर हमारे द्वारा घाट को बंद रखा गया है। आदेश मिलते ही अस्थायी घाट खोल दिए जाएंगे.

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