घायल ऊँट का सिरोही में हुआ ईलाज शुरू, जल्द ही होगा स्वस्थ

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ५ सितम्बर ;अभी तक;  सामाजिक कार्यकर्ता ओम बड़ोदिया का प्रयास रंग लाया और विगत 12 जुलाई को हाईवे पर घायल हुए ऊँट का सिरोही में उपचार शुरू हो गया। ओम बड़ोदिया स्वयं जिला प्रशासन के सहयोग से ऊँट को सिरोही में पिपुल फॉर एनिमल्स रेक्क्यू केयर सेंटर एवं वेटरनिटी हॉस्पिटल में छोड़कर आये जहां ऊँट को भर्ती कर उसका ईलाज शुरू हो गया और वहां के पशु चिकित्सकों ने जल्द ऊँट के स्वस्थ होने का आश्वासन दिया।
                   सामाजिक कार्यकर्ता ओम बड़ोदिया ने बताया कि उन्हें 12 जुलाई को मोबाईल पर सूचना  दी गई कि बायपास हाईवे स्थित खेड़ापति बालाजी मंदिर के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से एक ऊँट घायल हो गया है। सूचना मिलते ही श्री बड़ोदिया घटना स्थल पर पहुंचे। वहां ऊँट के पैर में गंभीर चोट नजर आई। ऊँट के मालिक को ढूंढा लेकिन नहीं मिला। श्री बड़ोदिया ने पशु चिकित्सक डॉ. मेसुल डामौर के सहयोग से तीन दिन तक खेड़ापति बालाजी मंदिर परिसर में ही ऊँट का ईलाज किया। तत्पश्चात् श्री बड़ोदिया अपने टीम के साथ ऊँट मंदसौर गौशाला लेकर आये लेकिन वहां उन्होंने ऊँट को रखने में असमर्थता जाहिर की। श्री बड़ौदिया ने नपा के स्वास्थ्य अधिकारी के.जी. उपाध्याय से बात कर ऊँट को कांजी हाऊस ले गये तथा वहां रखा। इस बीच घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल होने पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी ने मामले को संज्ञान में लेकर जिला कलेक्टर मनोज पुष्प से चर्चा कर ऊँट को सिरोही भिजवाने को कहा।  कलेक्टर के निर्देश पर ऊँट को क्रेन मशीन की सहायता से ट्रक में बिठाकर ओम बड़ोदिया सिरोही ले गये। सिरोही में पिपुल फॉर एनिमल्स रेक्क्यू केयर सेंटर एवं वेटरनिटी हॉस्पिटल में ऊँट को ले जाया गया। जहां पशु चिकित्सक डॉ. अमित देओल से ओम बड़ोदिया ने चर्चा की। चर्चा के दौरान अन्य चिकित्सक भी उपस्थित थे। चिकित्सकों ने बताया कि ऊँट का उपचार शुरू किया जा रहा है तथा जल्द ही ऊँट पूर्णतया स्वस्थ हो जाएगा।
ओम बड़ोदिया ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी, जिला कलेक्टर मनोज पुष्प, नगरपालिका सीएमओ प्रेमकुमार सुमन, स्वास्थ्य अधिकारी के.जी.उपाध्याय, पशु चिकित्सा अधिकारी मनीष इंगोले, पशु चिकित्सक डॉ. मेसुल डामौर एवं सभी मीडिया कर्मियों द्वारा दिये गये सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया।
5 वर्षांे से निराश्रित पशुओं का कर रहे ईलाज
सामाजिक कार्यकर्ता ओम बड़ोदिया विगत 5 वर्षों से अधिक समय से बिमार निराश्रित पशुओं का ईलाज कर रहे है। उनका मानना है कि पालतु पशुओं का ध्यान रखने वाले मिल जाते है लेकिन निराश्रित पशु के ईलाज के लिये कोई आगे नहीं आते। श्री बड़ोदिया को खबर मिलते ही वह पशुओं की मदद के लिये पहुंच जाते है। उन्होंने मृत वानरों का दाह संस्कार भी किया तथा पशुओं के लिये खाने-पीने की व्यवस्था भी करते है।

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