घायल बंदरिया का कराया उपचार, मृत्यु होने के बाद विधि विधान से किया अंतिम संस्कार 

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर २६ सितम्बर ;अभी तक; पशु व पक्षी प्रेमी ओम बड़ोदिया  ने पुनः पीड़ित व घायल बंदरिया का उपचार कराया तथा उपचार के दौरान उसकी मृत्यु होने पर विधि विधान से उसका अंतिम संस्कार किया।
                 इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए ओम बड़ोदिया ने बताया कि नरसिंहघाट अखाड़ा  के पास भागवत नगर क्षेत्रवासियों ने उन्हें जानकारी दी की एक बंदरिया जिसकी बच्चादानी (बक्खर) बाहर आ रही है तथा वह तड़प रही है उसे उपचार की जरूरत है। जिस पर ओम बड़ोदिया ने वन विभाग को जानकारी दी। वन विभाग की टीम के साथ ओम बड़ोदिया भागवत नगर  पहुंचे जहां बंदरिया भीड़ को देखकर मकानों पर होते हुए पेड़ पर जा बैठी। जहां से उसे पकड़ने पर बंदरिया को क्षति पहुंच सकती थी। उसे नीचे उतारने का काफी प्रयास किया लेकिन वह नीचे नहीं उतरी। दूसरे दिन भी क्षेत्रवासियों ने जानकारी दी कि वह दर्द के मारे कराह रही है तथा लोट रही है। ओम बड़ोदिया वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे तथा बंदरियां को थोड़ी मशक्कत के बाद जाल बिछाकर पकड़ लिया गया। उसके पश्चात् उसे पशु चिकित्सालय पहुंचाया गया जहां डॉ. गुर्जर द्वारा उसका उपचार शुरू किया लेकिन कुछ घण्टे बाद उसकी मृत्यु के सूचना मिली। जिस पर ओम बड़ोदिया एवं उसकी टीम के दिलीप जाटव, लक्की माली, विजय आंजना, मनीष देवड़ा, पवन कुमावत, विष्णु परिहार, गोपाल परिहार, दयाराम चौहान, चंकी सांखला, महेश मालवीय, धर्मेन्द्र प्रजापत, कालू सेन आदि ने बंदरिया का हिन्दू रीति रिवाज अनुसार अंतिम संस्कार किया।
                  ओम बड़ोदिया घायल पशु-पक्षियों के उपचार हेतु निरंतर कार्य कर रहे है। उनके द्वारा  यह कार्य निस्वार्थ किया जाता है। उन्हें जहां भी सूचना मिलती है वे वहां तुरंत पहुंचकर घायल पशु, पक्षी, जानवर की वन विभाग एवं पशु चिकित्सालय के माध्यम से हर संभव उपचार हेतु प्रयास करते हे।

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