चंबल में नकली सॉस फैक्ट्री पकड़ाई; अरारोट और कलर से बनता था, फास्ट फूड सेंटर पर थी सप्लाई

भिण्‍ड  से डॉ. रवि शर्मा-

भिंड ३१ अक्टूबर ;अभी तक; भिंड में पुलिस ने नकली टमाटर सॉस की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस फैक्ट्री में जो सॉस तैयार किया जा रहा था, उसमें टमाटर ही नहीं था। टमाटर की जगह अरारोट और सिंथेटिक कलर से तैयार मटेरियल को सॉस बताकर बेचा जा रहा था। 700 एमएल की बोतल 15 से 20 रुपए में बेची जा रही थी, जबकि लागत 8 रुपए में आती थी। एक लीटर ब्राडेंड सॉस की कीमत 140 रुपए के ऊपर है।

पुलिस ने रेड के बाद फूड एंड सेफ्टी अफसरों को बुलाया। फूड अफसरों ने सॉस के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। यह फैक्ट्री सुरेंद्र बघेल नामक व्यक्ति के मकान में संचालित हो रही थी। मौके पर धुरंधर सिंह बघेल मिला। धुरंधर सिंह ने बताया कि यह फैक्ट्री झांसी मोहल्ला में रहने वाले अतुल जैन की है। इसके बाद फूड ऑफिसर रीना बंसल को बुलाया गया।

रीना बंसल ने बताया कि यह फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही थी। फैक्ट्री मालिक अतुल जैन शहर से बाहर है। पुलिस धुरंधर को पूछताछ के लिए ले गई है। फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। रीना बंसल का कहना है कि यह उपभोक्ताओं के साथ धोखा है। अतुल जैन पर केस दर्ज कराया जाएगा।

 

700 ML के पैकेट पर MRP 25 रुपए, बेचते थे 20 रुपए में
नकली सॉस को फैक्ट्री के अंदर कलर और अरारोट को मिक्स करके तैयार किया जाता था। यहां पांच से छह प्रकार के अलग-अलग फ्लेवर में सॉस तैयार किए जाते थे। मौके से कलर और अरारोट समेत अन्य केमिकल बढ़ी मात्रा में मिले हैं। यहां तैयार होने वाले टमाटर सॉस के 700 एमएल के पैकेट पर एमआरपी 25 रुपए छपी थी, जबकि यह बाजार में 20 रुपए तक में बेचा जा रहा था। इन सॉस की बोतलों पर पूरी टमाटर से बना हुआ लिखा हुआ था।

 

फास्ट फूड के साथ खा रहे लोग
यहां तैयार होने वाला सॉस छोटे और बड़े फास्ट फूड के दुकानदारों को सप्लाई किया जाता था। फैक्ट्री से 100 से ज्यादा दुकानदार थोक में नकली सॉस खरीद कर ले जाते थे। सस्ते दाम में सॉस को खरीदकर वे चाट, पकौड़ी, चाउमीन समेत चायनीज फास्ट फूड आइटमों के साथ ग्राहकों को खिला रहे थे।