चम्बल के बीहड़ों में हाइब्रिड बीज उगाने की तैयारी, दो गांवों में देखी जमीन

देवेश शर्मा

मुरैना।16 जून ;अभी तक; चम्बल के  बीहड़ों में अटल प्रोग्रेस-वे के जरिए मेगा हाइवे बनाने के साथ ही अब हरियाली लाने पर जोर दिया जा रहा है। कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बीहड़ों में उन्नत बीज बनाने के विराट फार्म हाउस तैयार करने की योजना बनाई है। इसके लिए मंगलवार को कृषि मंत्रालय के अफसरों के अलावा सीड डवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के वैज्ञानिकों ने मुरैना जिले के दो गांवों किनारे के बीहड़ों का दौरा किया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के निर्देश पर सीड डवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने चंबल नदी किनारे बीहड़ों की जमीन में उन्नात किस्मों के बीज तैयार करने की योजना बनाई है। इसी के चलते मंगलवार को मंत्रालय के ज्वाइंट सेकेट्री अश्विनी कुमार के साथ दिल्ली व भोपाल के कृषि व भूमि विशेषज्ञों का दल मुरैना आया। कलेक्टर बी कार्तिकेयन के अलावा राजस्व विभाग के सभी आला अफसरों के साथ दिल्ली-भोपाल से आया, यह दल सबसे पहले जौरा तहसील के छिनबरा गांव और फिर मुरैना तहसील के पिपरई गांव में पहुंचा। यह दोनों गांव चंबल नदी किनारे बसे हैं और गांवों से सटकर हजारों बीघा बीहड़ की जमीन है। मौके पर ही अफसरों ने गांवों के नक्शे निकालकर बीहड़ों की सरकारी जमीन का जायजा लिया। इस दौरान सीड डवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अफसरों ने बताया कि हाइब्रिड बीज बनाने का ऐसा ही प्रोजेक्ट राजस्थान के कोटा के पास बीहड़ों में चल रहा है, वहां 22 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन में हर फसल के उन्नात बीज तैयार किए जाते हैं। इससे अनुमान लगाया गया, कि 20 हजार हेक्टेयर से ज्यादा बीहड़ों में मुरैना में भी यह प्रोजेक्ट शुरू हो सकता है।

संयुक्त कलेक्टर संजीव जैन ने बताया कि  दिल्ली-भोपाल से आए अफसरों को चंबल नदी किनारे के बीहड़ पसंद आए। इसके बाद मुरैना लौटकर उन्होंने जिला प्रशासन व कृषि विभाग के अफसरों के साथ मीटिंग लेकर, जिले में होने वाली फसलों व यहां पाए जाने वाले बीजों की जानकारी जुटाई। इस दौरान अपर कलेक्टर नरोत्तम भार्गव,  बीज निगम के आरएम गुलावीर सिंह, एसडीएम जौरा सुरेश बराहदिया, जौरा तहसीलदार कल्पना शर्मा आदि अफसर मौजूद थे।