चांवल की खरीदी के दौरान कमीशन के रूप में राईस मिलर्स से नान के अधिकारियों द्वारा करोडों रूपये का कमीशन वसूला गया

आनंद ताम्रकार

बालाघाट ५ नवंबर ;अभी तक;  जिले में भारत सरकार खादय मंत्रालय के उपायुक्त श्री विश्वजीत हलघर द्वारा बालाघाट जिले के वारासिवनी, बैहर,बालाघाट में कस्टम मिंलिंग के माध्यम से प्रदाय किये गये भण्डारित चांवल का निरीक्षण किया था।

निरीक्षण के दौरान भण्डारित चांवल के स्टेग में से नमूने लेकर उनका प्रयोगशाला में जांच कराई गई जांच कराये जाने पर पशुआहार स्तर का जो की मानव उपभोग के काबिल नही है इसकी रिपोर्ट उपायुक्त द्वारा प्रमुख सचिव खादय मध्यप्रदेश शासन को भेजी गई इसके आधार पर प्रदाय किया गया चांवल को रिजेक्टर कर उसे अग्रिम आदेश तक उसे जारी ना किये जाये और गोदाम सील कर दिये गये ।

इस सबंध में तरूण कुमार पिछोडे संचालक खादय नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मध्यप्रदेश द्वारा 11/09/2020 को पत्र लिखकर निर्देश दिये थे की भारतीय खादय निगम द्वारा रिकेटेग्राईजेशन किये गये चांवल के स्टेगों में से बयाण्ड पीएफए लिमिट में से दर्षाये गये चांवल को किसी भी स्थिति में सार्वजनिक वितरण प्रणाली सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं में प्रदाय नही किया जाये साथ ही आगामी आदेश तक बयाण्ड पीएफए लिमिट में दर्षाये गये चांवल मिलर्स को वापस नही किया जाये। बयाण्ड पीएफए लिमिट चांवल के सबंध में वैधानिक परीक्षण कर निर्देश पृथक से जारी किये जायेगे। इन निर्देशों के बावजूद जिला प्रबंधक अमित गौर द्वारा मौखिक रूप से आदेष प्राप्त होने का हवाला देकर 18 राईस मिलर्स जिनका चांवल रिजेक्ट कर दिया गया था उसे वापस करते हुये बदलकर देने के लिये कहा गया है।

यह उल्लेखनीय है की प्रदेष शासन द्वारा बालाघाट और मण्डला सहित प्रदेष के अनेक जिलों में अमानक स्तर का पशु आहार तुल्य चांवल पाया जाने पर इस प्रकरण की आर्थिक अपराध अनुसांधन शाखा के माध्यम से जांच कराये जाने के आदेश जारी किये गये थे जिसकी जांच की जा रही है।
इस मामले से सबंधित दो जनहित याचिकायें माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रस्तुत की गई है जिसके संबध्ंा में निर्णय सुरक्षित रखे जाने के आदेश दिये गये है इसके बावजूद जिला प्रबंधक द्वारा मौखिल आदेश के आधार पर संबंधित 18 राईस मिलर्स द्वारा प्रदाय किये गये चांवल को वापस किये जाना मामले से संबंधित साक्ष्य मिटाने की कार्यवाही प्रतीत होती है।

इस संबंध में कलेक्टर श्री दीपक आर्य को अवगत कराये जाने पर उन्होने कहा की मुझे ऐसे किसी निर्णय के संबंध में कोई जानकारी नही है आपके द्वारा जानकारी दिये जाने पर मैं वास्तविकता का पता लगाकर बताता हूं।

इस प्रकार जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक इस मामले रफा दफा कर राईस मिलर्स को राहत पहुंचाने की कोशिश की जा रही है क्योंकि चांवल की खरीदी के दौरान कमीशन के रूप में राईस मिलर्स से नान के अधिकारियों द्वारा करोडों रूपये का कमीशन वसूला गया है।

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