चार दिन से सूखे पडे नल के बाद अलर्ट पर आया पुलिस प्रशासन, आयुक्त बोले नर्मदा योजना को पटरी पर लाने में लगेगे और 3 दिन

मयंक शर्मा
खंडवा. ६ जून ;अभी तक;  नगर में चार दिनो से व्याप्त गंभीर जलसंकट से लोगों में
आक्रोश को देखते हुए खंडवा पुलिस प्रशासन  अलर्ट पर है। जिस तरीके से
पानी को लेकर नगर में स्थिति गड़बड़ाई हुई है उससे खंडवा शहर में लॉ एंड
ऑर्डर की स्थिति  निर्मित होने कीी आंशका को लेकर प्रशासन आगाह है । नगर
में बढती पानी को किल्लत को लेकर रविवार को ं  1/4 का गार्ड की पहरेदारी
के लिये  तेनाती करना पडी है। खंडवा को नर्मदा जलापूर्ति ेके बदले अच्छेे
दिन के सपने परोसने वाली भाजपा और 20 सालो से नगर निगम की सत्ता में
काबिज उसका महापौर व बहुमत वाली परिषद के कार्यकाल में पूरी 150 करोड की
परियोजना प्लाप होने के कगार पर खडी हो गयी है। पिछले चार दिनेा से नल
सूखे पडे है और पानी को लेकर भटक रहे लोग बुरी तरह भड़के हुए हैं ।
सीएसपी ललित गठरे ने कहा कि पुलिस का पहरा यहां से 40 किलोमीटर दूर के
चारखेड़ा स्थित फिल्टर प्लांट पर इंटकवेल पर लगाया है जहां ं गाद जमा होने
के बाद नर्मदा जलापूर्ति बाधित है। नर्मदा जल योजना को आकार देने व पेयजल
सप्लाई का जिम्मा निजी सेक्टर की विश्वा कंपनी के सुपुर्द है। विश्वा कपं
के अनुसार अब तक यहां दो पोट से पानी लिया जा रहा था। लेकिन जलस्तर गिरने
से अब तीसरे पोट पर पहुंचने के लिए खुदाई की जा रही है। निगम कमिश्नर
श्री भट्ट ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है। समुद्र सतह से 241 मीटर की
ऊंचाई पर लगे तीसरे पोट तक पहुंचने के लिए दो बड़ी भुजा वाली पोकलेन मशीन
और 25 से अधिक लोगों की टीम लगी हुई है। जल्द सफलता मिलेगी और पेयजल
व्यवस्था दुरुस्त होगी।
आयुक्त ने बताया कि शहर में पेयजल समस्या दुरुस्त करने के लिए प्रयास कर
रहे हैं। सुक्ता डेम का पानी मटमैला आने का कारण नागचून तालाब का पानी
मिलना है। पीने के पानी के लिए टैंकरों से सप्लाई जारी है। एक-दो दिन में
व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएगी।
निरंतर  जल संकट का सामना कर रहे लोगों का सब्र रविवार को जवाब दे गया।
कोरोना कफ्र्यू लागू होने के बावजूद लोग पानी के लिए घरों से बाहर निकल
आए और लाल चैकी स्थित फिल्टर प्लांट पर हंगामा शुरू कर दिया। यहां स्थिति
बिगड़ने पर पुलिस का पहरा लगाना पड़ा। फिल्टर प्लांट पर पानी की मांग लेकर
आए गुलशन नगर, शुक्ला कालोनी, सिंधी कालोनी, खानशाह वली, मोघट रोड सहित
अन्य क्षेत्रों के लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें तीन दिन से पानी नहीं
मिला है।
नागरिको द्वारा टैंकर की मांग की जा रही है लेकिन ननि पानी नहीं पहुंचाया
जा रहा है। फिल्टर प्लांट से केवल नेताओं के बताए गए पाइंट पर ही पानी
पहुंचाया जा रहा है। जबकि जरूरतमंद लोग परेशान हो रहे हैं।
फिल्टर प्लांट पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि यहां से 16 टैंकरों के
जरिए शहर में पानी पहुंचाया जा रहा है। इसमें चार निगम के तथा 12 टैंकर
अनुबंधित हैं। 168 पाइंट ऐसे हैं जहां पानी पहुंचाना है। दोपहर एक बजे तक
केवल 30 पाइंट पर ही टैंकर पहुंचाए जा सके। शिकायतें अधिक होने के कारण
पानी पहुंचाने में देरी हो रही है। इसी तरह की स्थिति झीलोद्यान पर भी
देखी गई। यहां भी नगर निगम द्वारा टैंकर भरकर प्रभावित क्षेत्रों में
पहुंचाए जा रहे हैं। विदित हो कि शहर में निरंतर  जल संकट की स्थिति बनी
हुई है।
उधर चारखेड़ा के फिल्टर प्लांट पर इंटक वेल के आसपास जमी गाद को निकालने
के लिए नगर निगम और विश्वा कंपनी की टीम लगी है। इंटकवेल से गाद निकालने
में करीब 2 से 3 दिन का समय और लगने की बात कही जा रही है। ऐसे में शहर
में नर्मदा जल का वितरण नहीं हो सकेगा।
उधर विश्वा कम्पनी के प्रबध्ंाक ने कहा कि इंदिरा सागर जलाशय का बैक वाटर
गिरा तो नर्मदा जल योजना पर प्रतिकूल असर  पडा है। नर्मदा योजना से पानी
आपूर्ति बंद, होने के बाद  20 फीसदी हिस्से में सुक्ता डेम से मिल रहा
मटमैला पानी नगर की ; 3 लाख की आबादी के  लिये अपर्चाप्त है अत टैंकरों
पर निर्भरता बढ गयी है।
पीपीपी मोड की बुनियाद की  निजीकरण वाली नर्मदा जल योजना बंद होने से 5
दिन से शहर में जल संकट है।3 लाख की आबादी वाला शहर टैंकरों पर निर्भर हो
गया है। निगम प्रशासन जिस सुक्ता डेम को विकल्प बता रहा है, उससे सिर्फ
20 फीसदी हिस्से में ही पानी की सप्लाई हो रही है। यहां तक की नलों में
मटमैला पानी आ रहा है।
शहर के 80 फीसदी क्षेत्र यानी सिंघाड़ तलाई, खानशाह वली, सिंधी कॉलोनी,
राम कॉलोनी, आनंद नगर, भगत सिंह वार्ड, संत रैदास वार्ड, आनंद नगर, पदम
कुंड वार्ड, सरोजनी नायडू वार्ड, भैरव तालाब, अंबेडकर वार्ड, गणेश तलाई
इन इलाकों में लोगों को निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। 5 हजार
लीटर वाले टैंकर के बदले 1200 से 1500 रुपए चुकानें पड़ रहे हैं। इधर,
निगम अफसर दावा कर रहे हैं कि जल संकट से उबरने के लिए जी-जान से मेहनत
कर रहे हैं। वार्डों में सरकारी टैंकरों से सप्लाई जारी है।
ननि आयुक्त  हिमांशु भट्ट ने कहा कि चारखेड़ा में इंटकवेल तक पहुंचने के
लिए एक पोकलेन से पत्थर उखाड़े जा रहे हैं और दूसरी से रास्ता बनाने के
लिए पानी में पत्थर बिछाए जा रहे हैं।  पोकलेन से इंटकवेल तक पहुंचाने के
लिए रैंप बनाई जा रही है। शहर में पानी पहुंचाने के लिए विश्वा कंपनी और
निगम द्वारा यहां सतत काम किया जा रहा है। . नगर निगम द्वारा प्रभावित
क्षेत्रों में नागचून तालाब, सुक्ता फिल्टर प्लांट सहित टैंकरों के
माध्यम से जल वितरण की व्यवस्था का दावा किया  है।  भवानी माता वार्ड,
श्री दादाजी वार्ड, गुलमोहर कॉलोनी, पदमकुण्ड वार्ड सहित अन्य क्षेत्रों
के लोग केन और बर्तन सायकिल और बाइक पर रखकर पानी का इंतजाम करने के लिए
भटकते रहे।