चुनाव ड्यूटी से बचने हो रही बहानेबाजी

5:14 pm or June 15, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल १५ जून ;अभी तक;  पंचायत एवं नगरीय निकाय निर्वाचन 202२ के लिए जिला प्रशासन ने बैतूल जिले के विभिन्न विभागों में पदस्थ लगभग दस हजार शासकीय अधिकारियों- कर्मचारियों का डेटा बेस तैयार किया है। मतदान दल में शामिल होने वाले शासकीय सेवकों का प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है। इधर चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए शासकीय कर्मियों ने बहाने बाजी शुरू कर दी है।

चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए कुछ कर्मचारियों को वृद्ध माता-पिता की सेवा और स्वयं की पुरानी बीमारी याद आ गई है। शासकीय सेवकों द्वारा वृद्ध बीमार माता-पिता के देखरेख, स्वयं की बीमारी, वैवाहिक कार्यक्रमों, दुर्घटना, अस्पताल में एडमिड होने सहित अन्य कारणों का हवाला देकर चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने के लिए अवकाश के लिए आवेदन दिये जा रहे है। 14 जून तक जिला पंचायत बैतूल के चुनाव ड्यूटी से मुक्ति। अवकाश के लगभग 500 आवेदन जमा हो चुके है। चुनाव के दौरान शासकीय सेवकों के अवकाश स्वीकृति के लिए कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस द्वारा नियुक्त किये गये नोडल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ अभिलाष मिश्रा द्वारा अवकाश से संबंधित आवेदन पत्रों की गहन छानबीन एवं जिला स्तरीय मेडीकल बोर्ड की रिपोर्ट में ठोस कारणों की पुष्टि होने पर ही संबंधित शासकीय सेवक का चुनाव ड्यूटी से मुक्ति के लिए अवकाश स्वीकृत किये जा रहे है।

सर्वाधिक 400 शिक्षकों ने दिये आवेदन

चुनाव ड्यूटी से मुक्ति के लिए विभिन्न विभागों को लगभग 500 शासकीय अधिकारियों- कर्मचारियों ने अवकाश के लिए जिला पंचायत बैतूल में आवेदन दिया है। जिसमें सर्वाधिक शिक्षक शामिल बताये जा रहे है। मतदान से संबंधित प्रशिक्षण शुरू होते ही चुनाव के दायित्व से बचने के लिए लगभग 400 शिक्षकों द्वारा अवकाश के लिए आवेदन देने की खबर है। शिक्षकों सहित अन्य विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने वृद्ध बीमार पीडि़त माता-पिता की देखरेख परिजनों व स्वयं के बीमार पीडि़त होने, दुर्घटना, बीमारी से अस्पताल में एडमिट होने, धार्मिक यात्रा, छोटे बच्चे होने, वैवाहिक कार्यक्रम, परिजनों की मृत्यु होने, निशक्तता सहित अन्य कारणों का हवाला देकर चुनाव ड्यूटी से मुक्ति के लिए आवेदन दिये जा रहे है।

प्रतिदिन हो रही है बोर्ड की बैठक

आमतौर पर सप्ताह में एक दिन जिला स्तरीय मेडीकल बार्ड की बैठक होती है। परंतु बीमारी का हवाला देकर चुनाव ड्यूटी से मुक्ति के लिए शासकीय सेवकों के लगातार आ रहे आवेदनों के मद्देनजर मेडीकल जांच के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रतिदिन जिला स्तरीय मेडीकल बोर्ड की बैठक हो रही है। बीमारी का हवाला देकर चुनाव ड्यूटी से मुक्ति के लिए आवेदन देने वाले शासकीय सेवकों से मेडीकल बोर्ड का प्रमाण पत्र बुलवाया जा रहा है।

मेडीकल बोर्ड में फिट आने वालों पर होगी कार्यवाही

बीमारी की बहाने बाजी कर चुनाव ड्यूटी से मुक्ति के लिए आवेदन देने वाले शासकीय सेवकों के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिन शासकीय सेवकों द्वारा बीमारी का हवाला देकर चुनाव ड्यूटी से मुक्ति के लिए आवेदन दिया है यदि जिला स्तरीय मेडीकल बोर्ड द्वारा ऐसे शासकीय सेवकों की मेडीकल रिपोर्ट फिट दी जाती है तो जिला प्रशासन द्वारा उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।

52 शासकीय सेवकों के आवेदन स्वीकृत

विभिन्न कारणों का हवाला देकर लगभग पांच सौ शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षकों ने पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव की ड्यूटी से मुक्त रखने के लिए जिला पंचायत बैतूल में अवकाश आवेदन जमा किया है। चुनाव के दौरान शासकीय सेवकों के अवकाश स्वीकृति के नोडल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ बैतूल अभिलाष मिश्रा ने आवेदनों एवं संलग्न दस्तावेजों, मेडीकल रिपोर्टस, जिला स्तरीय मेडीकल बोर्ड के प्रमाण पत्र की छानबीन के बाद वास्तविक एवं ठोस कारणों के आधार पर 52 शासकीय सेवक जो गंभीर दुर्घटना या गंभीर बीमारी के चलते हॉस्पिटल में एडमिट है, जिन महिला कर्मियों का 1 वर्ष से कम आयु का बच्चा है सहित अन्य वास्तविक, ठोस कारणों के आधार पर चुनाव ड्यूटी से मुक्ति के आवेदन स्वीकृत किये गये है।