जनजातीय आदिवासी भोपाल महासम्मेलन को लेकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में सियासत तेज

प्रदीप सेठिया
 बड़वाह १२ नवंबर ;अभी तक; 15 नवंबर को भोपाल के जंबूरी मैदान में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में होने वाले जनजातीय गौरव दिवस बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में सियासत तेज हो गई है ।
                  पश्चिमी मध्य प्रदेश का इंदौर संभाग जनजातीय आदिवासी बाहुल्य है प्रदेश की राजनीति में 2018 के चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनी थी संभाग की अनुसूचित जनजाति की 20 सीटों में से विधानसभा की 17 सीटें कांग्रेस को मिली थी इसमें एक कांग्रेस  समर्थित निर्दलीय विधायक भी शामिल है यहां भाजपा केवल तीन विधानसभा क्षेत्रों में ही जीत पाई थी ।
                         जयस के राष्ट्रीय संयोजक एवं कांग्रेस विधायक डॉ हीरालाल अलावा ने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासियों की हितेषी नहीं है भोपाल सम्मेलन के बस परिवहन भोजन नाश्ते आदि पर सरकार लगभग ₹1 3 करोड़ खर्च कर रही है यह राशि आदिवासियों के विकास शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए खर्च होना चाहिए जबकि यह धनराशि सम्मेलन के लिए खर्च की जा रही है जिसकी व्यवस्था अलग से की जाना चाहिए ।
                   वही पलटवार करते हुए खरगोन बड़वानी के भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने जारी बयान में कहा कि जनजातियों गौरव दिवस का विरोध करने वाले कांग्रे स की बी पार्टी के लोग हैं डॉक्टर अलावा कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे वह 15 नवंबर के कार्यक्रम को असफल करने में जुटे हैं केंद्र व राज्य सरकार जनजाति वर्ग के हित में काम कर रही है तथा गौरव दिवस मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है खरगोन जिला कलेक्टर अनुग्रह पीने वीडियो कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को बताया कि 15 नवंबर भोपाल के महा सम्मेलन में खरगोन जिले से 10000 जनजाति समुदाय के नागरिक शामिल होंगे जिला प्रशासन की विज्ञप्ति के अनुसार इनको लाने ले जाने रुकने खाने पीने की समुचित व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है प्रत्येक बस में एक नोडल अधिकारी सहित अन्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है