*जनसंख्या नियंत्रण कानून एवं समान नागरिक संहिता आवश्यक* 

महावीर अग्रवाल
      मन्दसौर २७ अगस्त ;अभी तक;  शिक्षाविद श्री रमेशचन्द चन्द्रे ने कहा कि       भारतीय जनसंघ के जमाने से भारतीय जनता पार्टी  एवं राष्ट्रवादी संगठन यह मांग हमेशा करते रहे कि *एक देश में दो निशान दो प्रधान और दो विधान नहीं चलेंगे* जिसमें से दो निशान और दो प्रधान की नीति समाप्ति की ओर है किंतु *इस देश में दो प्रकार के विधान आज भी है* क्योंकि हमारे यहां कानून हिंदुओं के लिए अलग और मुसलमानों के लिए अलग है और इस विसंगति का लाभ लेने के प्रयास मे विभिन्न धर्म और पंथ के लोग भी  पीछे नहीं है
          *इसलिए समान नागरिकता कानून कि भारत में सख्त आवश्यकता है* इस कानून को बनाते समय तुष्टिकरण की मानसिकता को त्याग कर राष्ट्रवादी मानसिकता यदि राजनीतिक दलों की रही तो यह कानून बनाने में कोई भी बाधा नहीं  आ सकती
                 श्री चन्द्रे ने कहा कि      इसी प्रकार भारत के प्राकृतिक संसाधनों और  लोकतांत्रिक  व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए **जनसंख्या नियंत्रण कानून भी शीघ्र अति शीघ्र बनाया जाना चाहिए* क्योंकि यदि मानवीय तंत्र स्वयं जनसंख्या पर नियंत्रण नहीं करता है तो *प्रोफेसर माल्थस के जनसंख्या सिद्धांत के अनुसार प्रकृति स्वयं बढ़ती हुई जनसंख्या पर नियंत्रण करती है* जो भूकंप बाढ़ आगजनी भुखमरी अकाल और अन्यान्य प्रकार की दुर्घटनाएं यह प्रकृति द्वारा किया जाने वाला जनसंख्या नियंत्रण है इसलिए उपरोक्त दोनों कानून भारत में आवश्यक है *इस हेतु  टोल फ्री नंबर 1800 11 78 00 पर प्रधानमंत्री श्री* नरेंद्र मोदी के लिए अपनी बात रखें
उक्त नंबर पर आप केवल दो बार बात कर सकते हैं ।

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