जनसमस्याओं व मांगो के निराकरण के लिए बिछिया विधायक ने दिया धरना

10:17 pm or May 1, 2022

प्रहलाद कछवाहा

मंडला एक मई ;अभी तक;  सड़क से लेकर सदन तक जनता के हक़ और अधिकारों की लड़ाई लडऩे वाले बिछिया विधानसभा के विधायक नारायण सिंह पट्टा 30 अप्रैल शनिवार को अपने विधानसभा क्षेत्र की जनसमस्याओं व जनमांगो को लेकर बिछिया मुख्यालय में धरने पर बैठ गए। उनके साथ सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता व आम नागरिक भी इस धरना प्रदर्शन में सम्मिलित हुए। आम जनता के लिए अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। सरकार से लेकर प्रशासन तक सब कुछ जनता के लिए ही है लेकिन जब यह तंत्र आम जनता के हितों की उपेक्षा करने लगे उनकी अनदेखी करने लगे तो शासन और प्रशासन के इस तंत्र को पटरी पर लाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाने के साथ धरना और आंदोलन करने ही पड़ते हैं।

दोगुनी कर वृद्धि एक तानाशाही कदम :

                         आज प्रदेश की भाजपा सरकार और प्रशासन ने आम जनता को समस्याओं के मकडज़ाल में उलझा दिया है इसके साथ ही जनता का बेहिसाब आर्थिक शोषण भी किया जा रहा है। बिछिया नगर परिषद का दोगुना कर बढ़ाने का निर्णय भी ऐसा ही एक तानाशाही कदम है जो जनता की जेब पर डाका डालने जैसा है। इस परिषद के कार्यकाल में बिछिया नगर की स्तिथि अत्यंत दयनीय हो गई है अब यहां आंदोलन और क्रांति की जरूरत है जिसकी शुरुआत हमने कर दी है। बिछिया नगर की जनता की हर लड़ाई हम हर स्तर पर लडऩे को तैयार हैं।

विकराल हुआ बिजली पानी का संकट :

प्रदेश की सरकार आम जनता को बिजली पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं देने में तक नाकाम हो गई है। अघोषित बिजली कटौती ने इस भीषण गर्मी में आम नागरिकों को हलाकान कर दिया है। दूरस्थ ग्रामों में तो कई दिनों तक बिजली बंद रह रही है। हालात ये चुके हैं कि पेयजलापूर्ति और सिंचाई के लिए जनता परेशान है। सालों से स्वीकृत कार्यों को बिजली विभाग शुरू नहीं करवा पा रहा है और ऊपर से बढ़ी हुई बिजली दरों का आर्थिक बोझ जनता के ऊपर थोपा जा रहा है। बिछिया नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट विकराल हो चुका है। गांवों में पीने का पानी नहीं मिल रहा है, आज भी जनता मीलों तक पैदल चलकर पानी लाने को मजबूर है। जलजीवन मिशन के कार्य लापरवाही और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते जा रहे हैं, अरबों रुपये खर्च किये जा चुके हैं पर जनता को अबतक पेयजल नहीं मिल सका है। ये सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है और इस फेल सरकार व फेल प्रशासन के विरुद्ध हमने सड़क पर लड़ाई लडऩे का बिगुल फूंक दिया है। जनता के अधिकार मिलने तक यह लड़ाई चलती रहेगी और गांव गांव तक पहुंचेगी।

घोषणा के बावजूद सीएम नहीं बनवा पाए बिछिया बायपास :

प्रदेश के घोषणावीर मुख्यमंत्री ने 2017 में नगर परिषद चुनाव के प्रचार में बिछिया आकर भाजपा प्रत्याशी को जिताने के लिए भरे मंच से बिछिया बायपास निर्माण की घोषणा की थी जनता ने भरोसा करके उनके प्रत्याशी को जिता भी दिया लेकिन हमेशा की तरह हमारे बिछिया की जनता ठगी गई, आज 5 साल होने जा रहे हैं लेकिन बायपास निर्माण तो दूर बायपास निर्माण की मांगों को तक नहीं सुना जाता है। अब यह नहीं चलेगा, मुख्यमंत्री ने जनता जनार्दन को धोखा दिया है अब जनता मुख्यमंत्री के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी, आज हमने धरना देकर शुरुआत कर दी है अब आगे जनआंदोलन होगा, चक्काजाम भी होगा।