जल के अपव्यय को रोके एवं जल सरक्षण व संवर्धन की विधियों को अपनाये – एम. पाटीदार

11:21 pm or January 23, 2023
महावीर अग्रवाल
मंदसौर 23 जनवरी ;अभी तक;  पेयजल योजनाओं के सुचारु संचालन एवं संधारण के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता तदर्थ समिति की भूमिका महत्वपूर्व है, पेयजल समितिया सशक्त व मजबूत बने, जल के अपव्यय को रोकने के साथ हि वर्षा जल को संग्रहित करने व जल सवर्धन की विधियों को अपनाने मे पेयजल उपसमितियों की भागीदारी व  योगदान अत्यंत आवश्यक हे। ग्रामवासी परस्पर सहयोग व जनसहभागिता की भावना के साथ योजनाओ के संचालन/ संधारण मे अपना सहयोग अवश्य दे।
कार्यपालन  यंत्री श्री एम. पाटीदार ने सेंटर फॉर डेवलपमेंट कम्युनिकेशन एंड स्टडीज (KRC) जयपुर द्वारा आयोजित जिले के सीतामऊ विकासखंड के चयनित 10 ग्रामो जमुनिया, झलारा-कोयली, काचरिया, खजुरी मांडा, खजुरी नाग, खेड़ा-खेरखेड़ा, मानपुरा, मैरियाखेड़ी, सैदरा करनाली व सेमली कांकड की जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों की तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण के दौरान कही, इस दौरान सभी ग्राम पंचायतो को जल स्त्रोतो से प्राप्त पानी का फील्ड टेस्टिंग किट (FTK) के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण करने के लिए FTK  वितरीत किये गये।
भारत शासन की महत्वाकांशी जल जीवन मिशन योजना सम्पूर्ण देशभर  मे क्रियान्वित की जा रही है, जिसका उद्देश वर्ष 2024 तक ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति को वर्षभर पर्याप्त, शुद्ध पेयजल स्थायी पेयजल स्त्रोतो से क्रियाशील घरेलु नल कनेक्शन के माध्यम से उपलब्ध करवाना जाना है, इसके लिए  PHE विभाग जिले मे निरंतर  कार्य कर रहा हे।
ग्रामीण पेयजल योजनाओं का संचालन संधारण करने व नल जल प्रदाय योजनाओं मे ग्राम के सभी नागरिकों की जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन के अनुसार ग्राम जल एवं स्वच्छता समिती के गठन का प्रावधान किया गया है। इसी क्रम मे जिले के चयनित हर घर जल वाले ग्रामो की ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिसमे समिति सदस्यों को सेंटर फार डेवलपमेंट कम्युनिकेशन एन्ड स्टडीज़ (सिडेक्स) जयपुर द्वारा प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों मे पेयजल योजनाओं के संचालन/संधारण की जानकारी, पेयजल स्त्रोतो को स्वच्छ रखने उनका नियमित क्लोरीनेशन करने, जल गुणवत्ता जाँच करने, योजना के आय-व्यय का लेखा रखकर उसे संधारित करने, ठोस व तरल अपशिष्ट पर्दार्थो का उचित निष्पादन करने, जल संरक्षण व संवर्धन की विधियों को अपनाने, ग्राम मे समग्र स्वच्छता का वातावरण सुनिश्चित करने, जल के अपव्यय को रोकने, योजना के प्रति ग्रामवासियो मे स्वत्व की भावना विकसित करने व ग्राम मे स्वच्छ जल व स्वच्छता संबंधी जागरूकता की अलख जगाने का प्रशिक्षण आसान विधियों, मोटिवेशनेल गेम, नवाचार, चार्ट प्रदर्शन, लेक्चर व अन्य कई विधियों के माध्यम से दिया गया। इस दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत उन सभी प्रशिक्षणार्थीयो से उनके द्वारा अपने अपने ग्राम मे की गई गतिविधियों की जानकारी ली गई एवं उनके द्वारा की गई गतिविधियों से ग्राम मे क्या क्या सुधार व नवाचार हुवे जाना। प्रशिक्षण के दौरान KRC संस्था (सिडेक्स) के श्री दिलीप शर्मा, श्री मांगीलाल, विषय विशेषज्ञ  श्री सत्यनारायण शर्मा, PHE विभाग के सहायक यंत्री डी. के.जैन, जिला सलाहकार (मानव संसाधन विकास) श्री मुकेश गुप्ता एवं क्रियान्वयन सहायक संस्था (ISA) के टिम उपस्थित थे।

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