जल प्लावन की समस्या से ऐसे मिली सकती है निजात , याचिकाकर्ता की तरफ से पेष किये गये सुझाव

सिद्धार्थ पाण्डेय
जबलपुर १० सितम्बर ;अभी तक;  मप्र हाईकोर्ट ने बारिश के मौसम में शहर पर होने वाले जल प्लावन की समस्या को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। जल प्लावन से बचाव तथा स्वच्छता संबंधित सुझाव याचिकाकर्ता की तरफ से चीफ  जस्टिस एके मित्तल व जस्टिस व्हीके शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष पेष किये गये। पेष किये गये सुझाव पर विचार व्यक्ते करने के लिए नगर निगम ने समय प्रदान करने का आग्रह किया। जिसे स्वीकार करते हुए युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 16 सितम्बर को निर्धारित की गयी है।
                        यह जनहित का मामला रानी दुर्गावती विवि छात्र परिषद के संयोजक एडवोकेट धीरज ठाकुर की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया है कि विगत कुछ सालो में शहर में मकानों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि तो हुई, लेकिन उनसे निकलने वाले पानी की निकासी को लेकर कोई ठोस उपाय नहीं किए गए। आरोप है कि शहर में स्थित ओमती नाले को बड़ा करने के बजाए उसे और सकरा व अन्डर ग्राउंड कर दिया गया, जिसके कारण उसकी सही ढंग से साफ-सफाई तक नहीं हो पाती है। इतना ही नहीं, इसी नाले की वजह से थोड़ी सी बारिश में ही शहर में जलप्लावन की स्थिति बन जाती है और नाले का गंदा पानी कई कॉलोनियों में घुस जाता है। इसकी वजह से उन कॉलोनियों के वाशिंदों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आवेदक का कहना है कि उक्त मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई शिकायतें देने के बावजूद भी आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है।
                      याचिका पर पूर्व हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने जल प्लावन की समस्या से निदान पाने तथा स्वच्छता के संबंध में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता से सुझाव मांगे थे।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विजय कुमार मौर्य ने पक्ष रखा।

 

 

 

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