जिला अस्पताल की सीढ़ियों पर महिला की हुई डिलीवरी, जननी एक्सप्रेस के लापरवाह ड्राइवर को हटाया गया

8:28 pm or October 20, 2020
जिला अस्पताल की सीढ़ियों पर महिला की हुई डिलीवरी, जननी एक्सप्रेस के लापरवाह ड्राइवर को हटाया गया

मयंक भार्गव
बैतूल २० अक्टूबर ;अभी तक; सोमवार की रात जिला अस्पताल की सीढ़ियों पर महिला की डिलीवरी हो गई थी| सिविल सर्जन अशोक बारंगा ने सुबह प्रसूता के हाल चाल जाने और जननी एक्सप्रेस के लापरवाह ड्राइवर को हटाने की कार्यवाही की है|  अस्पताल  की सीढ़ियों पर महिला की इस तरह डिलीवरी होना बेहद शर्मनाक घटना है|
                   विधायक निलय डागा को इस बात की जानकारी लगी तो वह भी जिला अस्पताल पँहुच गए और प्रसूता से हालचाल पूछे|  साथ ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को अस्पताल की बदइंतजामी को लेकर खरी खोटी सुनाई और कहा कि दो दिनों में अस्पताल की पूरी व्यवस्था सुधर जानी चाहिए|   वो विधायक है और जिला अस्पताल उनकी क्षेत्र में आता है वह स्वयं अब निगरानी करेंगे सारी व्यवस्था सुधर जानी चाहिए| सीएमएचओ को किया तलब विधायक निलय डागा ने सीएमएचओ प्रदीप धाकड़ को भी जिला अस्पताल बुलवाया और उन्हें भी दो दिन का अल्टीमेटम दे दिया कि व्यवस्था सुधारो| साथ ही जननी एक्सप्रेस की लापरवाह ड्राइवर पर कार्यवाही करो जिस पर प्रदीप धाकड़ ने कहा कि ड्राइवर को हटाने की कार्यवाही कर दी गई है और सबंधित आशा कार्यकर्ता पर भी कार्यवाही जा रही है जिसने महिला को अकेले जिला अस्पताल भेज दिया था|
                विधायक बोले जननी एक्सप्रेस की मीटरिंग बढ़ाई जा रही है विधायक ने सीएमएचओ धाकड़ को फटकार लगाते हुए कहा कि स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों से डिलीवरी के लिए महिलाओं को जिला अस्पताल भेज दिया जा रहा ताकि जननी एक्सप्रेस की मीटरिंग बढ़ सके|  जननी संचालकों को फायदा पंहुचाने के लिए गरीब जनता की जान से खिलवाड़ की जा रहा है | रात में जिस महिला को यंहा लाया गया उसे बोडी गांव से उसे आमला स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा सकता था लेकिन जानबूझकर बैतूल भेजा गया जिससे जिला अस्पताल की बदनामी हो सके| ट्रामा सेंटर में भी मरीजो के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था बनाएं सिविल सर्जन बारंगा से विधायक ने कहा कि ट्रामा सेंटर में भी मरीजों के भर्ती होने का रजिस्ट्रेशन काउंटर दो दिन के अंदर लग जाना चाहिए जिससे इमरजेंसी के वक्त मरीजों को यंहा वँहा नही भटकना पड़े समय पर उसका रजिस्ट्रेशन होकर इलाज मिल सके | सिविल सर्जन बोले स्वास्थ्य केंद्रों से डिलीवरी के लिए महिलाओं को जिला अस्पताल भेजा जा रहा जबकि स्वास्थ्य केंद्रों पर सारी सुविधाएं मौजूद है उसके बाद भी स्टाफ इंतज़ार नही करता है और जिला अस्पताल रेफर कर देता है और दो घण्टे बाद यंहा नार्मल डिलेवरी हो जाती है |  जिला अस्पताल में 50 डिलीवरी प्रतिदिन की होती है लेकिन  सेंटरों से जबरन भेजे जा रहे प्रकरणों की वजह से जिला अस्पताल की व्यवस्था बिगड़ रही है|

Related Articles

Post your comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *