जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान, डॉक्टर स्टाफ ने बोला हैप्पी न्यू ईयर

मयंक भार्गव
बैतूल एक जनवरी ;अभी तक;  आम तौर पर नए साल का स्वागत लोग परिवार या दोस्तों के साथ जश्न और पार्टी से करते है, लेकिन बैतूल के जिला अस्पताल में नए साल पर कुछ अनोखा नजारा देखने को मिला। बैतूल के जिला अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ ने शिशु वार्ड में भर्ती बच्चों को नए साल की शुभकामनाओं के साथ उन्हे तोहफे दिए।
                                बीमार बच्चों को कंबल और चॉकलेट वितरित किये। बैतूल जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक की रक्तकोष अधिकारी डॉ अंकिता सीते ने अपने स्टाफ के साथ जिला अस्पताल के शिशु वार्ड के बच्चों को खुशी बांटने के उद्देश्य से उनके बीच पहुंचकर बच्चों से और उनके परिजनों से हैैप्पी न्यू ईयर बोलकर माहौल को खुशनुमा कर दिया। डॉक्टर और स्टाफ ने जिस तरह शिशु वार्ड के बच्चों के बीच नया साल मनाया उससे बच्चों के चेहरों पर तो मुस्कान आ ही गई। उनके परिजन भी खुश हो गए। साथ ही शिशु वार्ड में भर्ती बच्चों को कंबल भी वितरित किए गए जिससे भर्ती बच्चों को ठंड के मौसम में दिक्कत न हो। आयोजन करने वाली रक्तकोष अधिकारी डॉ. सीते का कहना है कि मैं एक डॉक्टर हूं और मेरा काम है लोगो की सेवा करना और मैं एक ब्लड बैंक ऑफिसर हूं। मेरा सबसे ज्यादा रिश्ता है यहां छोटे-छोटे बच्चे जो सिकलसेल और थैलिसीमिया से पीडि़त है, के साथ ज्यादा रहता है। मैं कोशिश यही करती हूं कि अपना स्पेशल डे को और भी स्पेशल बना सकूं, इन लोगो के साथ सेलिब्रेट करके। बीमार बच्चे की मां कल्पना कसारे ने डॉक्टरों और स्टाफ के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि बहुत अच्छा लगा कि हम नया साल नही मना पा रहे है और यहां अस्पताल में है। मेरा बेटा थैलीसीमिया से पीड़ित है और उसे हमेशा ब्लड लगता है। नए साल में बच्चा अस्पताल में भर्ती है यहां अच्छा महसूस हुआ पर और न्यू ईयर जैसा माहौल हो गया। याने कि घर जैसी फीलिंग आ रही है कि हम अस्पताल में रहकर भी घर जैसे न्यू ईयर मना रहे है, मैडम का भी धन्यवाद जिन्होंने यहां पर आकर अपना कीमती समय यहां दिया। इस मौके पर ब्लड बैंक स्टाफ टेक्नीशियन अलका गलफट, विजया पोटफोड़े, रमेश जैन, मुकेश कुमरे, मारुति निवाड़े, मूरत उइके, अजय साहू, राजेश बोरखड़े, पदमा पवार, नंदिनी आर्वीकर एवं प्रभाकर तायवाड़े उपस्थित थे।