जिला चिकित्सालय में चाहिए 105 डॉक्टर और अभी हो गई संख्या 106 लेकिन विषय विशेषज्ञ डॉक्टरों की बनी हुई है भारी कमी

8:43 pm or November 8, 2022
               ( महावीर अग्रवाल  )
मन्दसौर ८ नवंबर ;अभी तक;  मंदसौर के शासकीय जिला चिकित्सालय में आवश्यकतानुसार डॉक्टरों की पूर्ति तो हो गई।जी हां वर्षो से डॉक्टरों की कमी से परेशान मंदसौर के लोग यह खबर पढ़ते ही खुश तो हो जाएंगे और होंगे भी क्यों नही । वे ये सोच रहे होंगे कि अब उन्हें इलाज के लिए न भटकना पड़ेगा और न डॉक्टरों की कमी से परेशान होना होगा। जब पर्याप्त डॉक्टरों की संख्या की खबर पढेंगे तो यह भी सोच होगी कि आखिर शिवराजसिंह चौहान के मंत्रिमंडल में मन्दसौर जिले के दो मंत्री जो है तो फिर अभाव और कमी कैसे।
                               जिला चिकित्सालय में 105 डॉक्टर चाहिए और अभी इनकी संख्या हो गई 106 , लेकिन विषय विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी तो जस की तस बनी हुई है। भारी कमी है विषय विशेषज्ञ डॉक्टरों की । आने वाले समय मे विधानसभा चुनाव निकट है ही कहा जाएगा और यह एक बड़ी समस्या साक्षत खड़ी रहेगी या दोनो मंत्रियों का प्रभाव भारी पड़ इन सभी पदों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की पूर्ति ये करवा देंगे यह आने वाले समय मे पता चल सकेगा।
                           जी हां अब देखिए वास्तविक स्थिति । जिला चिकित्सालय में 37 नियमित डॉक्टर पूर्व से कार्यरत है और 17 नए आए है। इस प्रकार इनकी संख्या हो गई 54। एक वर्ष के लिए बांडेड डॉक्टर 52 आए है । इनमें से 21 महिला डॉक्टर है। इस प्रकार चाहिए 105 और अब संख्या हो गई 106। इसका मतलब ये नही की जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों की पूर्ति होगई। जिला चिकित्सालय में विषय विशेषज्ञ डॉक्टरों की आवश्यकता है 78 कि जबकि वर्तमान में उपलब्ध है केवल 15 और इनमें से भी अभी कोई डेढ़ माह में 11 को तो प्रमोशन मिला है।
                         जिला चिकित्सालय में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत 38 डॉक्टर काम कर रहे है। महिला चिकित्सकों में भी 9 नियमित है जबकि 8 संविदा पर है। नर्सों के भी 307 पदों के लिये 294 नियमित है जबकि 126 नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कार्यरत है। नर्षो कि पूर्ति संतोषप्रद कहीं जा सकती है।
                          जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की पूर्ति को लेकर जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ डी के शर्मा से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि चिकित्सको की पूर्ति कहा हुई है। मात्र बांडेड डॉक्टरों के आदेश हुए है। आज भी प्रथम श्रेणी विषय विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद खाली है। जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ डॉक्टरों की ही कमी है। जिला चिकित्सालय होने के नाते इन विशेषज्ञ डॉक्टरों की आवश्यकता है और वो ही नही है। शासन से इनके आदेश होते जरूर है लेकिन वे ज्वाइन ही नही करते है।स्थिति ज्यो की त्यों बनी हुई है। रेडियोलॉजिस्ट का पद अगस्त माह से खाली पड़ा है।सोनोग्राफी व एक्सरे विभाग खाली पड़े है।सर्जन विशेषज्ञों के पद खाली पड़े है। ऑर्थोपेडिक, गायनालाजिस्ट,नेत्र विशेषज्ञ के पद खाली पड़े है। सर्जिकल, एमडी मेडिसिन ,चिल्ड्रन आदि सभी पद खाली पड़े है। इसके बारे में कई बार शासन स्तर पर पत्राचार किया है। शासन को अवगत कराया जा रहा है। सीमित संसाधनों में भी जिला चिकित्सालय का कुशल संचालन व प्रबंधन कराया जा रहा है।