जिला जेल मंदसौर एवं उपजेल गरोठ मंदसौर में विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न

महावीर अग्रवाल

मन्दसौर ७ नवंबर ;अभी तक;     राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के दिशा-निर्देशानुसार दिनांक 02.10.2021 से 14.11.2021 तक आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अनुक्रम में माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर श्री विजय कुमार पाण्डेय के मुख्य आतिथ्य में दिनांक 07.11.2021 को स्थान जिला जेल, मंदसौर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
उपरोक्त जागरूकता शिविर में माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर श्री विजय कुमार पाण्डेय द्वारा सर्वप्रथम आजादी के अमृत महोत्सव मनाने का महत्व वर्णित करते हुए आजादी का आशय स्पष्ट कर कहा कि आजादी का वास्तविक अर्थ एक सभ्य समाज का निर्माण करना व कानून का पालन करना एवं समाज में दूसरों के अधिकारों को ध्यान रखते हुए जीवन व्यतीत करना है। इस अवसर पर माननीय प्रधान जिला न्यायधीश महोदय द्वारा बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिले में हर स्तर पर जागरूकता शिविरों को आयोजित कर आमजन को कानून के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में जिला जेल मंदसौर में भी बंदीगण को उनके अधिकारों के प्रति और उन्हे प्राप्त कानूनी अधिकारों से अवगत कराया जा रहा है। साथ ही बंदीगण को बताया कि यदि उनके परिवार में शासन संबंधी संचालित जन हितार्थ योजनाओं के लाभ प्राप्ति हेतु कोई समस्या हो तो उक्त समस्या के निराकरण के संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सम्पर्क स्थापित किया जा सकता है। इसी अवसर पर श्रीमान् प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा जिला जेल मंदसौर में नवीन निर्मित मुलाकात प्रतिक्षालय का भी उद्घाटन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री मो. रईस खान द्वारा शिविर में अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि आजादी के परवानों को याद करने हेतु अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इस अवसर पर श्री खान द्वारा बंदीगण को जेल में स्थापित लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से अपनी कानूनी समस्याओं के निराकरण हेतु अपील की। साथ ही बंदीगण को प्राप्त निःशुल्क विधिक सहायता, अपीलीय अधिकार, पेरोल संबंधी अधिकार, अभिवाक चर्चा, बंदीगण से संबंधित अन्य अधिकार, उनके पुनर्वास संबंधी अधिकार एवं अन्य आवश्यक कानूनी विषयों पर जागरूक किया। श्री खान द्वारा वर्णित किया कि भारतीय संविधान में यह प्रावधानित है कि कोई भी व्यक्ति न्याय प्राप्त करने से वंछित न हो साथ ही उसे सुनवाई का अवसर आवश्यक रूप से दिया जावे। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पंक्ति में अंतिम रूप से खड़े व्यक्ति को भी न्याय पहुंच हेतु समय-समय पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाता है।
उपरोक्त जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आशीष प्रतापसिंह, जिला जेल मंदसौर की उपजेलर श्रीमती सुभद्रा ठाकुर व जेल स्टॉफ, विधिक सेवा प्राधिकरण स्टॉफ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक श्री पी.के. सिंह द्वारा उक्त जागरूकता शिविर आयोजित किये जाने के उद्देश्य को प्रकट किया एवं इस प्रकार के विधिक जागरूकता शिविरों के आयोजन समय-समय पर किये जाने हेतु भी आगृह किया। उक्त कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री योगेश बंसल ने किया एवं कार्यक्रम का आभार जेल अधीक्षक श्री पी.के.सिंह द्वारा प्रदर्शित किया गया।
इसी अनुक्रम में उपजेल गरोठ, जिला मंदसौर में भी विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री मेहताबसिंह बघेल द्वारा बंदीगण को उनके विधिक अधिकारों को विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। साथ ही श्री बघेल द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता में प्रावधानित अभिवाक चर्चा के बारे में भी वर्णित किया। तत्पश्चात् बंदीगण को विधिक सहायता अधिनियम अंतर्गत निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी विषय पर भी प्रकाश डाला।
इसी अनुक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वालेंटियर्स एवं पंचायत सचिवों की टीमों द्वारा ग्राम बादरी, गुडभेली, लिमावास, बुढ़ा, चिल्लोद पिपलिया, टकरावद, नापाखेड़ा, आक्याबिका, बांसखेड़ी, गरनई, संजीत, सुधवास, टिडवास, बरखेड़ा डांगी, हिंगोरिया, रायसिंह पिपल्या, देवखेड़ा, खात्याखेड़ी, कोयला, बिल्लोद इत्यादि स्थानों में जाकर आमजन को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं व कानून के प्रति जागरूक करने के लिए विद्यालयों, ग्राम पंचायत भवन व ग्रामीणजनों के बीच जाकर डोर-टू-डोर अभियान एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। साथ ही ग्रामीणजनों की विभिन्न समस्याओं को भी सुनकर उक्त समस्याओं के निदान हेतु आवश्यक सलाह प्रदान की गई। डोर टू डोर अभियान एवं विधिक साक्षरता शिविरो में पेम्प्लेट्स इत्यादि वितरित किए गए।