जिला जेल में हुआ नशा मुक्ति और योग प्रदर्शन कार्यक्रम

5:48 pm or October 5, 2021
जिला जेल में हुआ नशा मुक्ति और योग प्रदर्शन कार्यक्रम
महावीर अग्रवाल 
मन्दसौर ५ अक्टूबर ;अभी तक;  कलेक्टर श्री गौतमसिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार पाण्डे के निर्देशन में 2 अक्टूबर गांधी जयंती से साप्ताहिक नशा मुक्ति अभियान के तीसरे दिवस पुलिस विभाग और नारकोटिक्स विंग के संयुक्त तत्वावधान में जिला जेल में नशा मुक्ति हेतु प्रेरक उद्बोधन तथा योग प्रदर्शन कार्यक्रम हुआ।
            श्री चैतन्य आश्रम मेनपुरिया के युवाचार्य सन्त मणी महेश चैतन्यजी महाराज, ब्रह्मकुमारी सुश्री शीतलजी बहिन, पतंजली योग गुरू श्री बंशीलाल टांक, ए.आर.आई. श्री विजयकान्त शुक्ला, टी.आई. श्री हरिश सौलंकी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया।
               अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंटकर जिला जेल अधीक्षक श्री पी.के.सिंह, उप अधीक्षक श्रीमती सुभद्रा ठाकुर ने सम्मान किया।  निरूद्ध भाई जिसमें विशेषकर युवा थे को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी शीतल बहिन ने कहा कि परमेश्वर को समस्त योनियों जीवधारियों में देवतुल्य सबसे सुन्दर मानव शरीर प्रदान किया है। हम अपने आपके भूल गये है कि हम परमात्मा की श्रेष्ठ संतान है और हम बुराइयों का घर बन गये है। जीवन जिसका चिन्तन करते है वही जीवन में आ जाती है। बुराई का चिन्तन करने पर बुराई और अच्छाई का चिन्तन हमें अच्छाई में परिवर्तित कर देता है। इसलिए यहां (जेल) से जाते वक्त शेष जीवन पर्यन्त अच्छे विचार अच्छे कर्मो। का संकल्प लेकर आये।
              टी.आई. श्री सौलंकी ने कहा कि गलत कार्य करने से जब कोई निरूद्ध हो जाता है उसका पूरा परिवार दुःखी और परेशानी में पड़ जाता है। इसलिये यहां (जेल) से जाने के बाद फिर ऐसा कोई कार्य नहीं करे जिससे दुबारा जेल में आना पड़े।
आर.आई. श्री विजय कान्त शुक्ला ने कहा कि जेल बन्दी गृह एक प्रकार से सुधार गृह है इसलिये जब यहां से पूरी तरह सुधर कर जायेंगे तो हमारा परिवार और समाज की जो दुआएं मिलेगी उससे जो आनन्द-सुख शान्ति मिलेगी वह शराब आदि के नशे से कई गुना अधिक होगी।
            पूज्य मणी महेश चैतन्यजी ने कहा- संसार में हमें दूसरा कोई दुःख नहीं देता, दुःख का कारण हम स्वयं है। सुख के लिए हम  शराब आदि का नशा करते है परन्तु वहीं नशा हमारे दुःख का कारण बन जाता है। कोई व्यक्ति जब शुरू-शुरू में शराब-गांजा स्मैक आदि लेना प्रारंभ करता है है तो जैसे ही वह मुंह में डालता है, बड़ा कष्ट होता है परन्तु धीरे-धीरे वह उसका आदि हो जाता है। फिर छोड़ नहीं पाता और परिवार-समाज से बहिष्कृत होकर हर जगह अपमानित होता है और जीवन फिर नरक के समान बन जाता है।
               भारत के जिस युवा अंगद के पांव को लंका के महाबली रावा के दरबार में कोई भी योद्धा उठाना तो दूर हिला नहीं सका था वही भारत का युवा नशे के अधीन होकर इतना कमजोर-शरीर से इतना निस्तेज दुर्बल हो गया है कि 10-15 किलो वजन उठाने में पसीना आ जाता है। नशे से व्यसनों में पड़कर शरीर को खोखला कर बिमारियों का घर बना दिया है।
              योग गुरू बंशीलाल टांक ने बड़ी संख्या में सामने बैठे निरूद्ध भाईयों को दुःख प्रकट करते हुए कहा कि शहीद भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरू, चन्द्रशेखर आजाद जैसे युवाओं ने अपने मजबूत युवा शरीर से अंग्रेजों के छक्के छूड़ा दिये थे जिन्होनंे देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने, हंसते-हंसते अपने शरीर को राष्ट्र प्रेम-राष्ट्र भक्ति पर बलिदान कर दिया उसी युवा ने अपने शरीर को व्यसनों-नशे के हवाले कर दिया। टांक ने कहा मात्र 1 सेकण्ड की सोच इंसान को इंसान से भगवान और मानव से दानव, देवता से दैत्य बना देती है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई व्यक्ति सड़क पर अकेली जाती किसी महिला-लड़की-बच्ची को देख उसके प्रति मन में दुष्कर्म की भावना जैसे ही जाग्रत हुई अपनी कुभावना को मूर्त रूप देने से पहले यह सोच ले कि यह महिला मेरी मां-लड़की, मेरी बहन, मेरी बच्ची, मेरी बेटी है तो फिर वह कभी भूलकर गलत कार्य को अंजाम नहीं देगा। उल्टा उसे अपनी सेाच पर पछतावा होगा। अभी तक विशेषकर महिलाओं के साथ जितने भी दुष्कर्म हुए और बिना थमें होते जा रहे है उनमें अधिकांशतः शराब के नशे के कारण हुए है।
             टांक ने नशे आदि दुष्प्रवत्तियों को दूर करने और हमेशा के लिये दूर रहने में अपनी सोच-अपनी विचारधारा-चिन्तन को उच्च बनाये रखने और साथ ही शरीर को मजबूत बनाये रखने में योग वर्तमान में जिसका महत्व कोरोना ने और विशेष बढ़ा दिया है। योग से फेफड़े मजबूत हो जाते हैं। कोरोना अथवा अन्य वायरस उसे प्रभावित नहीं कर सकते। आपने योग का महत्व बताते हुए योग प्रदर्शन किया जिसमें प्राणायाम के साथ ही शारीरिक व्यायाम, योगिक-जोंगीक, सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन अनिल संगवानी ने किया एवं आभार जिला जेल अधीक्षक के.पी.सिंह ने माना।