जिला पंचायत व जनपद सदस्य तथा महापौर उम्मीदवारों पर प्रकरण दर्ज

7:01 pm or June 24, 2022

अरुण त्रिपाठी

रतलाम, 21 जून  ;अभी तक;  जिले में पंचायत और नगरीय निकायों के चुनाव को लेकर उम्मीदवारों पर आचार संहिता के पालन का जोरदार दबाव हैं। आचार संहिता के उल्लघंन पर जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य प्रत्याशी और महापौर पद के लिए नामांकन भरने वाले उम्मीदवार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिए है।

जिला पंचायत के वार्ड क्रमांक 11 से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार राजेश भरावा पर आचार संहिता उल्लंघन को लेकर पटवारी दीपक मेहता की रिपोर्ट पर कालूखेड़ा थाना में प्रकरण दर्ज किया गया हैं। उपनिरीक्षक शरीफ खान ने बताया कि नवेली गांव में शासकीय संपत्ति पर प्रचार सामग्री लगाने के मामले में जिला पंचायत उम्मीदवार पर धारा 188 के तहत कार्रवाई की है। बताया जाता है कि जिला पंचायत के वार्ड क्रमांक 11 पिपलोदा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश भरावा के पोस्टर नवेली गांव में विद्युत पोल पर लगे थे, जिसे शासकीय संपत्ति का दुरपयोग मानते हुए कार्रवाई की गई।

इससे पहले आलोट जनपद के वार्ड नंबर 4 से उम्मीदवार को बिना अनुमति लाउडिस्पीकर लगाकर प्रचार करना महंगा पड़ गया। बरखेड़ा पुलिस ने जनपद उम्मीदवार कैलाशबाई पति दशरथ सिंह गुर्जर सहित वाहन चालक मानसिंह के खिलाफ धारा 188 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया है। कैलाशबाई का प्रचार वाहन कराडिया गांव से गुजरने के दौरान बिना अनुमति पाया गया था।

रतलाम शहर में भी आचार संहिता का उल्लंघन के 2 प्रकरण दर्ज हुए हैं। औद्योगिक थाना पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने और भीड़ एकत्रित करने के मामले में महापौर पद की निर्दलीय नामांकन भरने वाली भाजपा नेता सीमा टांक और उनके समर्थकों पर धारा 188 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। स्टेशन रोड थाना पर सैलाना बस स्टैंड पर भीड़ एकत्रित करने के मामले में गिरीश शर्मा एवं भूपेंद्र सिंह गौड़ पर धारा 181 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है।

पूर्व पार्षद और भाजपा नेता सीमा टांक ने टिकट वितरण से नाराज होकर शहर विधायक चेतन्य काश्यप के कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया था। इसके बाद इनके विरुद्ध अलकापुरी चैराहे से भीड एकत्र करने और आचार संहिता का उल्लंघन कर रैली निकालने के मामले में पुलिस ने थाना प्रभारी ओपी सिंह की रिपोर्ट पर धारा 188 के तहत प्रकरण दर्ज किया। गौरतलब है कि प्रशासन आचार संहिता को लेकर काफी सतर्क है। अब तक की गई कार्यवाही को देखकर लगता है आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
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