जिले का सियासी पारा चढा, विक्रांत भूरिया ने कहा एफआईआर के दम पर भाजपा मुझे नहीं झुका सकती!

6:01 pm or May 5, 2022
श्याम त्रिवेदी।

झाबुआ ५ मई ;अभी तक;  मौसम मे बडती गर्मी के पारे के साथ ही झाबुआ जिले की सियासत भी गरमा गई है। भाजपा सांसद गुमानंिसह डामोर ने युकां अध्यक्ष विक्रांत भूरिया पर एफआईआर दर्ज करवाते ही कुछ ही घंटों मे विक्रांत भूरिया ने अपने बयान वाला विडीयों जारी कर दिया।

                 सांसद डामोर ओर विक्रांत के टवीटरवार के बाद आज गुमानसिंह डामोर की शिकायत पर प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया पर मामला दर्ज हो गया। महज तीन से चार घंटे मे विक्रांत ने इस मामले मे बयान जारी कर दिया। विक्रांत ने कहा कि बीजेपी ने मुझ पर 505 आईपीसी की धारा के अंतर्गत राज्य के खिलाफ अपराध के अधिनियम के अंतर्गत मुझ पर एफआईआर करी। ओर ये एफआईआर इसलिए करी क्यों कि गुमानसिंह डामोर का जो बीजेपी के सांसद है, उनका एक स्टेटमेंट पूरे सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हुआ। जिसमें आरक्षण को सामाप्त करने की बात वो कह रहे थे। जिस तरह से पहले भी बीजेपी के बडे बडे नेता ये बोल चुके है, कि आरक्षण समाप्त होना चाहिए। इनकी मंशाएं सबके सामने जग जाहिर है। ओर जिस तरह से ये आदिवासी को आदिवासी से लडाने का काम कर रहे है। धीरे धीरे आरक्षण का प्रतिशत घट घटाने के लिए ओर आरक्षण समाप्त करने के लिए ये अपने जो लक्ष्य है उसके उपर अग्रसर है।
               विक्रांत ने कहा की मै बीजेपी से यह कहना चाहंूगा आप एक एफआईआर के दम पर मुझे झुका नहीं सकते। आप अगर जैल भी भेज दे ंतो मैं सच के लिए समाज के लिए लडता रहूंगा। ओर जो ये आपकी आरक्षण विरोधी सोेंच है, इसका पर्दाफाश करता रहूंगा। श्री भूरिया ने कहा कि जिस तरह की परिस्थितियों मे एफआईआर करी है, बिना जांच के, बिना साक्ष्य जानें ,ओर बिना तहकिकात किए मुझ पर एफआईआर कर दी गई। पुलिस प्रशासन पूरे मध्यप्रदेश मे दबाव मे है। ओर अगर आपको एफआईआर करनी थी, ओर सही में आप आदिवासी हितेशी हो तो सिवनी मे हमारे भाई जो दो लोगों की मोबलिंचींग हुई है, ओर आपही के बीजेपी के लोगों ने मोबलिंचिंग करी है। ओर उनके खिलाफ आप कार्यवाही करके दिखाईये, उनके घर तोडकर दिखाईये, उस पर बुलडोजर चलाकर दिखाईये। ओर उनको कब फांसी होगी ये बताईये।
                श्री भूरिया ने कहा कि जिस तरह से प्रदेश सरकार पुलिस पर जबरदस्त दबाव बनाए हुए हैं, हमें इन पर बिलकुल भरोसा नहीं हैं। इसकी सीबीआई जांच होना चाहिए!
                 संासद डामोर ओर विक्रांत के बीच शुरू हुए विवाद ने सियासी पारा चढा दिया है! देखना है कि यह मामला कब तक गरमाता रहेगा।