जिले के महाविद्यालयों में सीटों की वृद्धि जल्द नहीं हुई तो करेंगे तालाबंदी-राघवराजसिंह शक्तावत 

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ९ अक्टूबर ;अभी तक;  दो साल से कोरोना की वजह से छात्रों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा है। जब कोरोना से हालात सुधरे तो राज्य सरकार, विक्रम विश्वविद्यालय और जिले के महाविद्यालयों की  अदूरदर्शिता की वजह से छात्रोें को एडमिशन के लिये भटकना पड़ रहा है। कारण यह है कि महाविद्यालयों में सीटों की संख्या कम है जिसके चलते कई छात्र एडमिशन से वंचित रह गए। महाविद्यालयों को सीटों की संख्या को जल्द बढ़ाना चाहिए जिससे छात्र के एडमिशन हो सके। अगर सीटों की वृद्धि जल्द नहीं हुई जो भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एन.एस.यू.आई.) जिले के सभी महाविद्यालयों में तालाबंदी करेगा जिसकी समस्त जवाबदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी।
               उक्त जानकारी देते हुए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन मंदसौर जिला महासचिव राघव राज सिंह शक्तावत ने छात्र-छात्राओं की असुविधाओं से अवगत कराते कहा कि शासकीय  महाविद्यालय के छात्र छात्राएं पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं। चौथे चरण की एडमिशन प्रक्रिया से पूर्व सीटें फुल हो गईं। ऐसे में छात्र कहां जाएं।  छात्रों को फॉर्म भरने के पश्चात कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सीएलसी राउंड में छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक हैं एवं सीटें कम बची हैं। इसके कारण प्रवेश नहीं मिलने से छात्र-छात्राएं परेशान हो रहे हैं। जिन छात्रों ने प्रवेश के लिए सिर्फ पीजी कॉलेज का चयन किया था और उनका नाम भी नहीं आया जिसके कारण वह दूसरे कॉलेज में प्रवेश लेने से भी वंचित हो रहे हैं। एनएसयूआई द्वारा इस संबंध में ज्ञापन भी दिये गये फिर भी महाविद्यालय प्रशासन उदासीन बैठा है।
               राघवराजसिंह शक्तावत ने शंका जाहिर करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार प्रायवेट कॉलेज को लाभ देने के उद्देश्य से शासकीय महाविद्यालयों में सीटों को नहीं बढ़ाया जा रहा है। भाजपा उद्योगपतियों की सरकार है। गरीब एवं मध्यमवर्गीय छात्रों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अगर जिले के महाविद्यालयों में सीटों की कमी को दूर करते हुए जल्द ही सीटे नहीं बढ़ाई गई तो एनएसयूआई द्वारा जिले के महाविद्यालयों में तालाबंदी की जाएगी जिसकी समस्त जवाबदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी।