जिले के सभी 516 ग्राम रोजगार सहायकों ने दिया सामूहिक इस्तीफा

मयंक भार्गव

बैतूल १९ अक्टूबर ;अभी तक;  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की बैक बोन माने जाने वाले ग्राम पंचायतों में पदस्थ ग्राम रोजगार सहायकों ने सोमवार को सामूहिक इस्तीफा दे दिया। बताया जाता है कि रोजगार सहायकों के प्रदेश व्यापी निर्णय के तहत बैतूल जिले के लगभग 516 ग्राम रोजगार सहायकों ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम सामूहिक इस्तीफा सौंपा गया। इसके पूर्व मप्र के 12 जिलों के ग्राम रोजगार सहायक सामूहिक इस्तीफा दे चुके है। ग्राम रोजगार सहायकों के सामूहिक इस्तीफा देने से मनरेगा सहित ग्रामीण विकास विभाग की अन्य हितग्राही मूलक एवं सामुदायिक योजनाओं के ठप्प होने की आशंका जताई जा रही है। जीआरएस द्वारा सामूहिक इस्तीफा देने का प्रमुख कारण उन्हें न्यूनतम वेतन भुगतान करना एवं कार्य का अत्यधिक दबाव होना बताया जा रहा है।

शोषण का लगाया आरोप

ग्राम रोजगार सहायकों ने मुख्यमंत्री के नाम जनपद सीईओ को सौंपे सामूहिक इस्तीफे में शासन प्रशासन पर शारीरिक, मानसिक आर्थिक एवं नैतिक शोषण का आरोप लगाकर भय एवं सुरक्षित भविष्य का हवाला देकर त्यागपत्र स्वीकार कर पदीय कर्तव्यों एवं दायित्वों से मुक्त करने की मांग की है। रोजगार सहायकों का कहना था कि वे 9 हजार रूपए के अल्प वेतन पर रात दिन काम कर ग्रामीण विकास योजनाओं का क्रियान्वयन करवाकर अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को लाभान्वित कर रहे है। इसके बावजूद भी शासन प्रशासन द्वारा ग्राम रोजगार सहायकों की हमेशा उपेक्षा की जाती है। ग्राम रोजगार सहायकों की हमेशा उपेक्षा की जाती है। ग्राम रोजगार सहायकों का कहना था कि उनके द्वारा शासन प्रशासन के निर्देशों का शत प्रतिशत पालन करते हुए प्रत्येक योजना का क्रियान्वयन मिशन मोड पर किया गया। परिणाम स्वरूप योजनाओं के क्रियान्वयन में बैतूल जिले का नाम प्रदेश स्तर पर गौरवान्वित हुआ। इसके बावजूद शीर्षस्थ अधिकारियों द्वारा कार्य प्रारंभ करने एवं कार्य पूर्णता को लेकर दबाव बनाया जाता है। जिससे भय एवं अनहोनी की प्रबल संभावना बनी रहती है।

ठप्प हो जायेगी विकास योजनाएं

ग्राम पंचायतों में पदस्थ सभी ग्राम रोजगार सहायकों ने 18 अक्टूबर को सामूहिक इस्तीफा देकर काम पर नहीं जाने का एलान किया है। जीआरएस के सामूहिक इस्तीफे से पंचायत एवं ग्रामीण विकास योजनाओं के ठप्प होने की आशंका जताई जा रही है। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी, प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ भारत मिशन सहित केन्द्र और राज्य सरकारों की विभिन्न हितग्राही एवं सामुदायिक मूलक योजनाओं सहित ग्राम पंचायतों के विभिन्न कार्यो का क्रियान्वयन ग्राम रोजगार सहायकों द्वारा किया जाता है। ग्राम रोजगार सहायकों के सामूहिक इस्तीफे से ग्राम पंचायतों में योजनाओं का क्रियान्वयन ठप्प हो जाएगा।