जिले में प्रतिमाओं, ताजियों के व्यक्तिगत विसर्जन पर प्रतिबंध, कलेक्टर ने धारा 144 के तहत जारी किए आदेश

दीपक कांकर
रायसेन, 27 अगस्त ;अभी तक;  कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिये राज्य शासन द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों के तहत कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री उमाशंकर भार्गव ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए है। कोरोना संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत जिले में कोई भी धार्मिक कार्य/त्यौहार का आयोजन सार्वजनिक स्थलों पर नहीं किए जाने, धार्मिक जुलूस या रैली नहीं निकालने और सार्वजनिक स्थानों पर किसी प्रकार की मूर्ति, झाँकी आदि स्थापित नहीं किए जाने के आदेश दिए गए हैं। आमजन अपने-अपने घरों में ही पूजा-अर्चना करेंगे।
                     कोविड महामारी के दृष्टिगत मूर्ति एवं ताजियों के विसर्जन के संबंध में आदेश दिए गए हैं कि कस्बों, ग्रामीण क्षेत्रों में नगर पालिका, नगर पंचायत एवं जनपद पंचायतों द्वारा मूर्तियां, ताजिये वार्डवार वाहनों में एकत्र कर विसर्जन का कार्य स्थानीय प्रशासन द्वारा गठित टीमों द्वारा किया जाएगा। जिले में व्यक्तिगत विसर्जन प्रतिबंधित किया गया है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक रूप से नदियों, तालाबों एवं अन्य स्त्रोतों पर आमजन का एकत्रित होना भी प्रतिबंधित किया गया है। जिले में धार्मिक/उपासना स्थलों पर कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिये एक समय में 5 से अधिक व्यक्ति इकट्ठे नहीं होंगे। साथ ही उपासना स्थलों पर फेस कवर एवं सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने पर भादवि की धारा 188 के तहत दण्डनीय कार्यवाही की जाएगी।

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