जीजा को मौत के घाट उतारने वाला साला और दोस्त गिरफ्तार

मयंक भार्गव

बैतूल १० नवंबर ;अभी तक; बहन की बार-बार पिटाई और भरण-पोषण नहीं देने से भाई को इतना अधिक गुस्सा आया कि उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर बहन की मांग का सिंदूर ही उजाड़ दिया। दोनों ने मिलकर जीजा को पहले मौत के घाट उतारा और उसके बाद उसके शव को मोटर पंप से बांधकर कुंए में फेंक दिया। इस जघन्य हत्याकाण्ड का पुलिस ने खुलासा किया है। यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 46 किलोमीटर दूर आमला थाने के अंतर्गत आने वाले ग्राम धौंसरा में घटित हुई है। घटना स्थल पर पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद सहित टीआई संतोष पंद्रे ने भी पहुंचकर निरीक्षण किया।

बहन को भी भाई ने दी थी झूठी जानकारी

मुलताई एसडीओपी नम्रता सोंधिया ने बताया कि 6 नवंबर को सरिता पत्नी सोनू गाठे निवासी ग्राम खाण्डे पिपरिया थाना बोरदेही ने रिपोर्ट की थी वह उसके भाई छन्नू उर्फ मोहन पिता शोभाराम इरपाचे (35) के पास धौंसरा में रहती है। उसके पति सोनू गाठे की आमला आने की खबर मिलने पर 4 नवंबर की रात करीब 8 बजे उसके पति सोनू गाठे को आमला से धौंसरा लेकर आने के लिए उसका भाई छन्नू उर्फ मोहन इरपाचे और उसका दोस्त अर्जुन पिता मुन्नू सिलुकर(27) दोनों आमला गये थे। रात करीबन 2 बजे दोनों ग्राम धौंसरा वापस आए और बताया कि उसका पति सोनू गाठे आमला में बस स्टैंड में मिला था मगर वह साथ में नहीं आया।

बहन ने भाई और उसके दोस्त पर जताया था शक

सूचनाकर्ता ने उसके भाई छन्नू उर्फ मोहन इरपाचे एवं अर्जुन सिलुकर पर शंका जाहिर की कि उसके पति के संबंध में उनको जानकारी हो सकती है। आसपास रिश्तेदारी में तलाश करने पर भी सोनू गाठे नहीं मिल रहा है। सूचना पर थाना आमला में गुम इंसान दर्ज कर जांच की। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस टीम गठित कर गुमशुदा सोनू गाठे की पतासाजी के प्रयास किए तथा सूचनाकर्ता सरिता गाठे के भाई छन्नू उर्फ मोहन इरपाचे को तलब कर हिकमत अमली से पूछताछ की गई। वह पुलिस को कभी कुछ, कभी कुछ बताकर गुमराह करता रहा।

पुलिस पूछताछ में कबूला हत्या करना

सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसका बहनोई सोनू गाठे उसकी बहन सरिता को आए दिन मारपीट करता रहता था और करीब चार माह पूर्व भी मारपीट करके तमिलनाडू तरफ मजदूरी करने चला गया था। बहन सरिता और उसके दो बच्चों का भी भरण पोषण नहीं कर रहा था। इस कारण उसने अपने दोस्त अर्जुन सिलुकर के साथ मिलकर सोनू गाठे को ग्राम धौंसरा मे दयाशंकर सोनपुरे के खेत के पास रपटा में ले जाकर लात घूंसे मारकर तथा जमीन में पटक कर गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी और लाश को गणपत पवार के कुएं में फेंक दी है। उक्त सूचना पर ग्राम धौंसरा स्थित गणपत पवार के कुएं पर पहुंचकर सोनू गाठे का शव को ढूंढने का प्रयास किया गया। कुआं काफी पुराना होकर झाडिय़ों से घिरा हुआ था तथा करीब 45 फीट पानी भरा हुआ था। ग्राम धौंसरा के युवकों के द्वारा पुलिस को आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।

पांच मोटरों से कुंआ खाली कर निकाला शव

उक्त कुएं की झाडिय़ां काटकर हटाई गई तथा ग्रामवासियों के सहयोग से पांच मोटर पम्पों के माध्यम से पानी खाली किया गया। इसके बाद सोनू गाठे का शव कुएं के तल में गमछे से हाथ बंधा हुआ मिला। शव बरामदगी उपरांत शव का पोस्टमार्टम सीएचसी आमला में कराया गया। मृतक सोनू गाठे की हत्या कर शव कुएं में फेंकना प्रमाणित पाया जाने पर आरोपियों के खिलाफ थाना आमला में धारा 302, 201, 34 का प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया है। आरोपी छन्नू उर्फ मोहन पिता शोभाराम इरपाचे (35) निवासी ग्राम खाण्डे पिपरिया थाना बोरदेही एवं अर्जुन पिता मन्नू सिलुकर (24) निवासी खाण्डे पिपरिया थाना बोरदेही को गिरफ्तार कर कब्जे से मृतक सोनू गाठे का मोबाइल एवं घटना में प्रयुक्त लाठी जप्त कर ली गई है।
कत्ल का पर्दाफाश करने इनकी रही भूमिका
इस कत्ल का पर्दाफाश करने में एसडीओपी मुलताई सुश्री नम्रता सोधिया के नेतृत्व में निरीक्षक संतोष पंद्रे, उपनिरीक्षक बसंत अहाके, उपनिरीक्षक नितिन उइके, सहायक उपनिरीक्षक पंचम सिंह, सहायक उपनिरक्षक आर.एस.रघुवंशी, प्रधान आरक्षक मनोज, प्रधान आरक्षक बसंत, प्रधान आरक्षक विनय, प्रधान आरक्षक सुनील, आरक्षक विनय प्रताप, आरक्षक अरविन्द, सैनिक.जोगेंद्र एवं रामराव एवं एनडीआरएफ टीम बैतूल की भूमिका रही।