जुल्म करना हिंसा है तो जुल्म सहना महा हिंसा है- मुनिश्री कमलमुनि  कमलेश 

7:38 pm or July 19, 2022
महावीर अग्रवाल

मंदसौर १९ जुलाई ;अभी तक;  जुल्म करना हिंसा है तो जुल्म को सहना महा हिंसा है। इसलिए हिंसा अनीति और जुल्म का प्रतिकार करना सच्ची अहिंसा है।  ये विचार राष्ट्र संत श्री कमलमुनि  जी कमलेश ने   जीवागंज स्थानक में कहें।  आपने कहा कि आक्रमक कार्यवाहीहिंसा है और रक्षात्मक कार्रवाई अहिंसा है, तो  हमें कितना भी कठोर से कठोर कदम क्यों ना उठाना पड़े वो अहिंसा की परिधि में ही आता है। कायर व्यक्ति अहिंसा का पालन नहीं कर सकता है।  वह नादानअहिंसा के सच्चे अर्थों से अनभिज्ञ है अज्ञानी है। राष्ट्रसंत कमलमुनि ने कहा कि निडर निर्भीक और क्रांतिकारी व्यक्ति ही अहिंसा का पालन कर सकता है। होती हुई हिंसा को देखकर जो हाथ पर हाथ धरे मूकदर्शक बनकर  कर्मों की अहिंसा की दुहाई देता है वह अहिंसा को कलंकित और बदनाम कर रहा है।
मुनि श्री ने कहा कि अपने प्राणों की परवाह न करते हुए कफन का टुकड़ा सिर पर बांधकर हिंसा को रोकने के लिए अपने प्राणोंको न्योछावर कर देता वही सच्चा अहिंसा वादी कहलाने का अधिकारी है।

मुनि श्री ने कहा कि अहिंसा की महाशक्ति ही विश्व को विनाश से बचाने की क्षमता रखती है।धर्म जाति और देश की रक्षाके लिए आन बान शान के लिए निर्दोष को बचाने के लिए उठाया गया कठोर से कठोर कदम उठाने के लिए अहिंसा वादी आध्यात्मिक अहिंसक सैनिक के रूप में काम करता है।श्री जैन दिवाकर गुरु प्रताप गौशाला कमल तीर्थ के लिए माल कोट जिला राजसमंद निवासी भगवती लाल जी टाक ने अपने 50 लाख का प्लाट गौ सेवा हेतु समर्पित कर दिया।
कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया। गौतम मुनि ने भी विचार व्यक्त किए । राजस्थान मध्यप्रदेश गुजरात महाराष्ट्र देश के कोने कोने से गुरु भक्तों का आवागमन जारी है।

  तपस्वी घनश्याम मुनि जी के 10 और गौतम मुनि जी के आठ उपवास की तपस्या चल रही है।