जूनियर डाॅक्टरों की हडताल अवैधानिक: हाईकोर्ट  कम पर लौटने के लिए दिया 24 घंटो का समय

सिद्धार्थ पांडेय
जबलपुर ३ जून ;अभी तक;  मध्य प्रदेष हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक तथा जस्टिस सुजय पाॅल की युगलपीठ ने प्रदेषव्यापी जूनियर डाॅक्टरों की हडताल को अवैध करार दिया है। युगलपीठ ने जूनियर डाॅक्टरों को 24 घंटो में काम पर लौटने के आदेष दिये है। निर्धारित समय सीमा पर जूनियर डाॅक्टर हडताल समाप्त कर काम पर नहीं लौटते है तो सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही करें। युगलपीठ ने कोरोना महामारी काल में जूनियर डाॅक्टर के हडताल पर जाने की निंदा की है। उन्हें कहा है कि विपत्तिकाल में जूनियर डाॅक्टर की हडताल को किसी प्रकार से प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता है।
                    सिविल लाइन जबलपुर निवासी अधिवक्ता षैलेन्द्र सिंह की तरफ से जूनियर डाॅक्टर की प्रदेषव्यापी हडताल के खिलाफ हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया गया था। आवेदन में कहा गया था कि चिकित्सा संघ द्वारा प्रदेषव्यापी हडताल के खिलाफ उन्होने साल 2014 में उक्त याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 25 जुलाई 2018 को जारी अपने आदेष में चिकित्सा सेवा को अतिआवष्यक सेवा घोषित किया था। अत्यावश्यक सेवा संधारन तथा विचिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के तहत चिकित्स सेवा के कर्मचारी सामुहिक अवकाष तथा हडताल पर नहीं जा सकते है। आवेदन में कहा गया था कि उक्त आदेष के बाद भी प्रदेष के जूनियर डाॅक्टर 31 मई से हडताल पर है। उन्होने कोरोना वार्ड में भी अपनी सेवा प्रदान करना बंद कर दी है।
                 आवेदन में कहा गया था कि कोरोना महामारी में जूनियर डाॅक्टरों की हडताल के कारण स्वास्थ सेवाएं प्रभावित हो रही है। आवेदन में मांग की गयी थी कि पूर्व में पारित आदेष का परिपालन नहीं करने पर हडतालरत जूनियर डाॅक्टरों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाये। इसके अलावा उनके खिलाफ इंडियन मेडिकल काउसिंल रेगुलेषन 2002, आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाये। सरकार को ओपीडी तथा स्वास्थ सेवा सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देष दिये जाये।
                  याचिका पर गुरूवार को हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने जूनियर डाॅक्टर मेडिकल एसोसिएषन को हडताल वापस लेने के लिए दोपहर ढाई बजे तक का समय प्रदान किया। याचिका पर दोपहर ढाई बजे सुनवाई के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेष जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता प्रणय चैबे ने पैरवी की।
हम निर्णय चाहते है,हडताल नहीं: पंकज सिंह
                   नेता सुभाष चंद्र बोस मेडिकल काॅलेज जूनियर डाॅक्टर एसोसिएषन के अध्यक्ष डाॅ पंकज सिंह का कहना है कि हम हडताल नहीं करना चाहते थे। सरकार द्वारा वादाखिलाफी किये जाने पर हमे मजबूूरन हडताल पर जाना पडा। सरकार से कह दिया है कि हम हडताल समाप्त करने तैयार है परंतु मांगों के संबंध में हमारे साथ बैठक कर निर्णय लें। सरकार हमारे साथ बैठक कर मांग के संबंध में निर्णय नहीं लेती हम हडताल समाप्त नहीं करेंगे। हम निर्णय चाहते है हडताल नहीं,सरकार ने 6 मई को स्टाईपेंड 24 प्रतिषत बढाने का वादा किया था परंतु आदेष नहीं निकाले। सरकार कह रही है कि हमने जूनियर डाॅक्टरों की 6 में से 4 मांग पूरी की है परंतु वह कोई से मांग है यह बताया तक नहीं। इसके अलावा सरकार ने 2018 में प्रत्येक साल स्टाईपेंड बढाने की बात कहीं थी,जिसका भी पालन नहीं किया गया। इस आदेष के खिलाफ हम विधिक राय लेकर सर्वोच्च न्यायालय की षरण लेंगे।