जेकेसेम सीमेंट फैक्ट्री के कर्मचारियों की तानाशाही…बिना मुआबजा दिए किसानों के बोए खेतों से बनाया रास्ता ओर खेतों में गाड़ दिए खंभे

8:33 pm or November 25, 2021
।। दीपक शर्मा पन्ना।।
पन्ना २५ नवंबर ;अभी तक; मध्यप्रदेश के पन्ना में जेके माय सेम सीमेंट फैक्ट्री के कर्मचारियों की तानाशाही से अन्नदाता बेहद परेशान है…फैक्टरी के कर्मचरियों द्वारा बिना मुआबजा दिए किसानों के बोए खेतों से भारी भरकम मसीने ओर बाहन निकले जा रहे है और बोए हुए खेतों से रास्ता बना कर बीच खेतों में खंभे गाड़ दिए गए है।जबकि इन किसानों को अभी तक कोई मुआबजा भी नही दिया गया है।जेके सेम सीमेंट फैक्टरी के कर्मचारियों की तानाशाही पूर्ण रवैये से सिमरिया क्षेत्र के किसान बेहद परेशान है।इन किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
                        वहीं पवई अनुविभागीय अधिकारी किसानों को नोटिस पर नोटिस थमाए जा रही है।जबकि जनप्रतिनिधियों ने सीमेंट फैक्टरी प्रबंधन को मूक समर्थन देते हुए अब तक मौन साध रखा है।किसानों को पुरखों की जमीन अब हाथ से खिसकती दिख रही है,,,,ओर उन्हें उनके बच्चे भविष्य में भूखे पेट सोने की चिंता सता रही है,लिहाजा इस पीड़ा पर अब सिमरिया क्षेत्र के करीब आधे दर्जन से अधिक गावँ के किसानो ने परेशान होकर आंदोलन की  चेतावनी दी है। वहीं जिम्मेदार अबतक इस सबंध में कुछ भी बोलने को तैयार नही है।
                 दर्शल सिमरिया तहसील अंतर्गत देवरा में निर्माण हो रही जेके माई सेम सीमेंट कंपनी के तानाशाह रवैये से सिमरिया क्षेत्र के देवरा , बोदा, कोनी, गुढा, महराजगंज, भुपतपुरा, गनयारी,कोल करहिया,पगरा एवं मडली सहित करीब एक दर्जन गावँ के किसान परेशान है।जहाँ इनका आक्रोश देखा गया है। वहीं प्रशासन द्वारा जेके सेम सीमेंट कंपनी के लिए धारा 247 के तहत नोटिस जारी किये गए जिसके बाद किसान आनन् फानन में पवई एसडीएम के समक्ष उपस्थित हुए जिससे एसडीएम पवई द्वारा किसानों को सात दिसम्बर 2021 का समय दिया गया लेकिन उसके बाद प्रशासन द्वारा उक्त अवधि को घटाकर पुनः 23 नवम्बर को किसानों को एक बार पुनः पेस होने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया जिसका किसानों ने विरोध किया एवं एकत्रित होकर फैसला लिया गया कि 26 नवम्बर को जिला मुख्यालय में कलेक्टर पन्ना को मुख्यमंत्री के नाम समस्त क्षेत्रीय किसान ज्ञापन सोपेंगे।
              हाला की इन किसानों का मानना है कि देश- प्रदेश में लोक कल्याणकारी किसान हितेषी सरकार” है वह किसी भी स्थिति में अन्नदाता किसानों का अनहित नही होनी देगी। इन किसानों की मांग है कि जेके सीमेंट फैक्ट्री को किसानों को विश्वास में लेकर सम्मानजनक तरीके से उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि के मूल्य तय करते हुए प्रत्येक परिवार को रोजगार देने के साथ क्षेत्रीय युवाओं को कम से कम 70% रोजगार दिया जाए। साथ ही प्रभावित ग्रामों के विकास के लिए मूलभूत सुविधाएं सड़क, बिजली, पानी देना सुनिश्चित किया जाए। वहीं समीपीग्राम सिमरिया में सर्व सुविधायुक्त अस्पताल, कॉलेज, प्रोफेशनल प्रशिक्षण संस्थानों का भी रोडमैप तैयार करना होगा।पीड़ित किसानो ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी पुरखों की जमीन ओने-पौने दामों में छीनने का प्रयास किया गया तो हम आंदोलन की राह पकडगे।हाला की उन्होंने साफ किया कि इसके पहले 26 नवंबर को क्षेत्र के किसान कलेक्टर पन्ना को ज्ञापन सौंपेंगे ओर अपनी बात रखेगे।
इनका है कहना-
               हमारी सारी सल्य खराब करदी गयी है,जीवन का सहारा केवल किसानी है लेकिन हम अब कैसे बच्चे पाले।न पैसे दे रहे और खंभा खेत मे जबरन गाड़ रहे हमारा फसल का बीस हजार का नुकसान हो गया।
“धनीराम किसान बोदा”
भारी परेशानी है खेतों की फसल नष्ट कर रहे जेसीबी चला रहे डम्फर से रेत गिट्टी सीमेंट धो रहे।खेत मे आठ से दस अंगुर की फसल खड़ी थी जो खराब करदी ।गुंडागर्दी अलग दिखा रहे।दवाव बना कर जबर कब्जा कर रहे है।हमारे सारे कागज जला दिए है।हम चाहते है कि नुकसान का मुआबजा मील चाहे सरकार दे चाहे कंपनी दे।नही तो बाल बच्चे मर जायेंगे।
“संत कुमार पटेल किसान बोदा”

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