जेके सीमेन्ट प्लांट। किसानांे की आंख में आंसू, युवाओं के हाथ खाली, पन्ना की प्राण वायु मे आज से घुलेगा प्रदूषण का जहर

9:30 pm or November 1, 2022

दीपक शर्मा

पन्ना एक नवंबर ;अभी तक; जिले के सिमरिया तहसील अन्तर्गत हरदुआ केन मे स्थापित जेके सीमेंट के नव निर्मित प्लांट का बहु प्रतिक्षित शुभारंभ बुधबार 02 नवम्बर को प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चैहान के कर कमलो से होगा। इस भव्य और ऐतिहासिक आयोजन को लेकर एक ओर जहां सीमेंट कंपनी प्रबंधन मे उत्सुकता और उत्साह का माहौल है। वहीं दूसरी तरफ यह प्लांट जिन किसानों की जमीनो पर खड़ा है उनकी आंख मे आंसू और हृदय मे पश्चाताप की भवनाओं का ज्वार उठ रहा है। क्यांेकिं जो सपने इस क्षेत्र के भोले-भाले गरीब किसानों को क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों, सीमेंट कंम्पनी के दलालांे और जिले के अधिकारियों ने दिखाये थे वे अब तक पूरी तरह झूठे सब्जबाग ही साबित हुए हैं। वहीं इस भीषण बेरोजगारी के दौर मे सीमंेट प्लांट से रोजगार मिलने की आस लगाये बैठे शिक्षित बेरोजगार युवाओं को भी निराशा हाथ लगी है।

स्थानीय युवाओं को जिस अनुपात में रोजगार मिलना चाहिए था वह पूरी तरह नदारत है। क्षेत्र के किसानो के शिक्षित बेरोजगार बच्चे और जिले के युवा उतनी तादात में रोजगार नहीं पा सके जितना उनका हक बनता है। गिनती के जिन लोगों को सीमेंट कम्पनी मे नौकरी मिली है वे जिले के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की सिफारिश से वहां पहुचें है। जबकि सीमेंट प्लांट की आधारशिला रखते समय कंपनी प्रबंधन और जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा 70 फीसदी रोजगार स्थानीय लोगो को दिलाने का भरोसा दिलाया गया था। जेके सीमेंट प्लांट अति पिछडे जिले के लिए अब तक छलावा ही साबित हुआ है।

पहले कंपनी प्रबंधन ने बिचैलियों के जरिये कोडियों के दाम पर क्षेत्र के किसानो की अजीवका एक मात्र स्त्रोत उनके खेत खरीद लिये और अब उनके बच्चो सहित जिले के युवाओं को प्लांट मे रोजगार के लिए भी अपेक्षित नोकरिया नसीब नही हो रही है। बताते चले की जेके सीमेंट प्लांट का निर्माण सिमरिया क्षेत्र के जिस क्षेत्र मे हुआ हैं, वह इलाका पन्ना टाईगर रिजर्व क्षेत्र के काफी नजदीक है। और पन्ना जिले मे खेती के लिए जो सबसे उर्वर भूमि इसी इलाके मे है क्योकि यह केन नदी और उसके सहयाक नदीयों के कछार का इलाका है। विदित हो पन्ना और छतरपुर का जंगल यूनेस्को विश्व धरोहर मे शामिल है, अब इस इलाके की आवोहवा मे सीमेंट फैक्ट्री का प्रदूषण रूपी जहर घुलेगा। साथ ही सबसे स्वच्छ और निर्मल जल राशि वाले नदीयों मे शामिल केन नदी को भी सीमेंट प्लांट से निकलने वाला अवशिष्ट प्रदूषित करेगा। पिछले कुछ समय से जेके सीमेट के अधिकारी कर्मचारी अपने मीडिया मैनेज मेट के जरिये यह दिखावा कर रहे है कि सीएसआर गतिविधियों के तहत किये जाने वाले जन कल्याण के कार्य करके कंपनी उनके उपर उपकार कर रही है। जबकी सीएसआर के तहत जन कल्याण के कार्य करना नेगम समाजिक दायित्व के साथ साथ कानूनी बाध्यता है।

आमंत्रण पत्र से जनप्रतिनिधियों के नाम गायबः-

सत्ता के शीर्श प्रतिष्ठान से नजदीकी के गुमान मे जेके सीमेंट के अधिकारीयों की ठसक प्लांट शुरू होने से पहले ही इतनी बढ गई है कि क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों को उचित मान-सम्मानन तक नही दे रहें है। सीमेंट कंपनी ने क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों को इस लायक भी नही समझा की आमंत्रण पत्र मे उनका नाम छापा जायें। प्रबंधन की सोच से समझ आता है कि उसके लिए जब क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का कोई मूल्य नही है तो वह इस क्षेत्र के लोगो के प्रति कितनी ईमानदार और समर्पित होगी इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। बताते कि सीमेंट प्लांट जिले की पवई और गुनौर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत आने वाले ग्रामो मे स्थापित है। बाबजूद इसके जेके सीमेंट प्रबंधन ने पवई विधायक प्रहलाद लोधी और आरक्षित गुनौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक शिवदयाल बागरी का नाम तक आमत्रंण पत्र मे नही लिखा है। साफ शब्दो मे कहे तो क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की जानबूझकर की गई यह उपेक्षा उनका अपमान करने जैसी है।