जैन धर्म को दिमाग से नहीं दिल से समझना होगा- साध्वीश्री अमिपूर्णा श्रीजी म.सा.

2:06 pm or August 3, 2022

महावीर अग्रवाल 

मन्दसौर ३ अगस्त ;अभी तक;  नयापुरा स्थित आदिनाथ जैन मंदिर मंे छत्तीसगढ़ रत्न शिरोमणि महतरा प. पूज्य साध्वी मनोहर श्री जी म.सा. की. सुशिष्या प.पू. साध्वी श्री अमिपूर्णा श्री जी म. सा. की पावन निश्रा में प्रतिदिन दिव्य प्रवचन चल रहे है।

बुधवार को प्रवचन में साध्वीश्री अमिपूर्णा श्रीजी म.सा. ने कहा की हमारा जैन धर्म अत्यंत प्रभावशाली है यदि जैन धर्म. को समझना है. तो दिमाग से नहीं दिल से समझना होगा। विचारों मे अहिंसा जीवन में अपरीग्रहता आ जाए तो व्यक्ति मोक्षगामी  तक बन सकता. है। सम्यक. दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र को जो अपने जीवन मे अंगीकार कर लेते है वह भव से मुक्ति पा जाते है ।

आपने भगवान नेमिनाथजी के जीवन प्रसंग को लेकर कहा की वीतरागी परमात्मा सब पर करुणा, दया बरसाने वाले होते है। जब भगवान विवाह हेतु गाजे बाजे के साथ जा रहे  थे  तब उन्होंने पशुओ का अंतरनाद सुनाई दिया। रथ के सारथी ने भगवान को बताया की ये सब पशु. आपके विवाह भोज मे पकाये जायेगे भगवान नेमिनाथ जी को उनकी करुणा पुकार सुन कर उनका मन वैराग्य और विरक्त हो गया, भाव प्रबल हो गए । भगवान ने सभी मुक पशुओ को मुक्त कर दिया।

आपने कहा कि जीवन दुःख है किन्तु जीवेशना  इतनी प्रबल है की जीव फिर भी अपने आप को इसी छल  मे लिप्त रखता  है । सुख की आस मे असंख्य दुःख सहता है, संसार असार है  आत्मा का कल्याण भौतिक साधनों में नहीं है. आत्मा का कल्याण तो मात्र साधना जप तप आराधना  मंे है जिससे हर साधक मृत्यु से मुक्ति और मोक्षगामी तक बन जाता है। इस अवसर पर कमल कोठारी, अरविन्द बोथरा, अभय चौरडीया, सुरेन्द्र डोसी, यशवंत पोखरना, अभय नाहटा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।