जैन मंदिर की प्रतिष्ठा के निमित्त प्रभु भक्ति का कार्यक्रम आयोजित

8:05 pm or May 23, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर २३ मई ;अभी तक;  शहर भोजका गली में नवनिर्मित श्री पार्श्वनाथ श्वेताम्बर जैन मंदिर की प्रतिष्ठा का पांच दिवसीय महोत्सव प्रारंभ हो चुका है। इस प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन बण्डीजी के बाग में कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है।
                    इसी के अंतर्गत रविवार की  रात्रि को परम् पूज्य आचार्य श्री निपुणरत्न सूरिश्वरजी म.सा. व साधु साध्वीगणों की पावन प्रेरणा से श्री रतनलालजी मोहनबाई खमेसरा परिवार के द्वारा प्रभु भक्ति का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राजस्थान के बालोबा नगर से पधारे सुप्रसिद्ध संगीतकार वैभव वागमार ने प्रभु भक्ति के गीतों की अनुपम प्रस्तुति दी। रात्रि 8 बजे प्रारंभ हुआ प्रभु भक्ति का यह कार्यक्रम देर रात्रि तक चला।
                मंदसौर में पहली बार अपने कार्यक्रम की प्रस्तुति देने पधारे वैभव वागमार ने प्रभु पार्श्वनाथ के भजनों की ऐसी अनुपम प्रस्तुतियां दी कि धर्मालुजन आनंदित हो उठे। वैभव वागमार ने तीर्थंकार भगवान पार्श्वनाथ की महिमा का गुणानुवाद करते हुए सर्वप्रथम ‘‘मेरे घर के आगे तेरा मंदिर बन जाये, जब खिड़की खोलु तो तेरा दर्शन हो जाये…..’’ गीत की प्रस्तुति दी। इसके बाद उन्होंने दादा पार्श्वनाथ हम तो तेरे नाम के दिवाने हो गये…, मेरा कसकर पकड़ लो हाथ तो बेड़ा पार हो जाये…..‘‘ गीत से प्रभु पार्श्वनाथ की भक्ति से सभी धर्मालुजन को ऐसा जोड़ा कि वे नृत्य करने लगे। वैभव वागमार ने ‘‘आओ जयकारा लगाये, प्रभु पार्श्वनाथ को मनाये….’’ गीत पर भी खूब दाद बटोरी। उन्होंने ‘‘मेरे मन में पार्श्वनाथ, रोम रोम में समाये पार्श्वनाथ रे…….’’गीत की ऐसी प्रस्तुति दी कि युवक-युवतियां भक्ति रस से आनंदित होकर नृत्य करने लगे।
                   वैभव वागमार ने ‘‘कभी वीर बनके, कभी महावीर बनके चले आना प्रभुजी चले आना’’ गीत की प्रस्तुति भी दी। इस गीत में उन्होंने सभी 24 तीर्थंकरों का ऐसा उल्लेख किया कि धर्मालुजन आनंदित हो उठे। उन्होंने ‘‘लग जायेगी लगन धीरे-धीरे, प्रभुजी से होगा मिलन धीरे-धीरे‘‘ गीत पर भी खूब दाद बटोरी। वैभव वागमार ने ‘‘यह तो पक्की बात आज तो दादा आयेंगे ….. ‘‘ गीत की ऐसी प्रस्तुति दी कि धर्मालुजन पंडाल में भक्ति से आनंदित होकर नृत्य करने लगे। उन्होंने ‘‘प्रभु पार्श्वनाथ की कर लो सेवा, मिल जायेगा किनारा’’ गीत की प्रस्तुति भी दी। उन्होने जैन एकता पर भी गीत प्रस्तुत किया।
                खमेसरा परिवार के द्वारा आयोजित प्रभु भक्ति के इस अनुपम कार्यक्रम को श्रवण करने मंदसौर ही नहीं अपितु नागदा, रतलाम, उज्जैन, इंदौर के धर्मालुजन मंदसौर पधारे। कार्यक्रम में वैभव वागमार के साथ अनमोल जैन, संयम पामेचा ने भी गीतो की प्रस्तुती दी। कार्यक्रम में ट्रस्ट मण्डल के पदाधिकारियों ट्रस्ट अध्यक्ष शांतिलाल लोढ़ा, उपाध्यक्ष दिलीप संघवी, कोषाध्यक्ष चेतन खमेसरा, सचिव विरेन्द्र भण्डारी, ट्रस्टीगण भरत संघवी, अजीत नाहर, मुकेश खमेसरा, हिम्मत डांगी, प्रदीप संघवी, कपिल भण्डारी, महेन्द्र मालपुरिया एवं मंदिर से जुड़े धर्मालुजन के साथ ही खमेसरा परिवार के राजेन्द्र खमेसरा, मुकेश खमेसरा, अभिषेक खमेसरा, धर्मेन्द्र खमेसरा, चेतन खमेसरा, मोंटी खमेसरा सहित बड़ी संख्या में धर्मालुजन उपस्थित थे।
                   श्री पार्श्वनाथ पद्मावति महापूजन का हुआ आयोजन- कुशालचंदजी बापूलालजी खमेसरा परिवार के द्वारा विजय मुहूर्त में नवनिर्मित श्री पार्श्वनाथ मंदिर में श्री पार्श्व पद्मावति पूजन का आयोजन किया गया। इस पूजन में खमेसरा परिवार के धर्मेन्द्र व चेतन खमेसरा ने पूरे भक्ति भाव से पूजन कराने का धर्मलाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर भी बड़ी संख्या में धर्मालुजन उपस्थित थे।